बस्तर से गहरा नाता रहा नाना पाटेकर का, निधन की खबर से शोक की लहर
जगदलपुर, 08 अक्टूबर । दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से बस्तर के कलाकार जगत में भी शोक की लहर है। नाना पाटेकर का बस्तर से पुराना और खास जुड़ाव रहा है। बस्तर से अभिनेता नाना पाटेकर का लगाव था। वे वर्ष 1987-88 के दौरान दो बार बस्तर आए थे।
जानकारी के अनुसार नाना पाटेकर ने धरमपुरा स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में समय बिताया था। इसके अलावा वे करीब एक महीने तक बस्तर में फिल्म शूटिंग के सिलसिले में रहे। इस दौरान फिल्म ‘आज की महाभारत’ की शूटिंग बस्तर की खूबसूरत वादियों में की गई थी। फिल्म में नाना पाटेकर के साथ सुरेश ओबेरॉय, दीप्ती नवल, भारत भूषण, नीता पुरी सहित कई अन्य कलाकार भी बस्तर पहुंचे थे।
अभिनेता नाना पाटेकर नक्सलवाद पर बनी फिल्म में काम करने के पहले वे बस्तर के धुर नक्सल इलाकों में भ्रमण कर जमीनी स्थिति का पता करते थे। गंगा प्रोडक्शन की फिल्म ‘आज की महाभारत’ की शूटिंग बस्तर की खूबसूरत वादियों में की गई थी। बस्तर के उड़ीसा बॉर्डर से लगे धनपूंजी देवड़ा मंदिर चित्रकोट, तीरथगढ़, नया मुंडा एवं जगदलपुर शहर के कुछ स्थानों में शूटिंग की गई थी। आज उनके निधन पर बस्तर के उनके साथी दुखी हैं। सत्यजीत भट्टाचार्य, जी श्याम, मनमोहन, उस जमाने के उनके बाल कलाकार साथी प्रशंसक महेंद्र महापात्र भी उनसे बहुत प्रभावित थे। वे आज रूंधे गले से कहते हैं- बेदाग, बेबाक कलाकार का जाना उनके लिए बहुत दुखदाई रहा।
फिल्म की शूटिंग के दौरान बस्तर के स्थानीय कलाकारों और थिएटर से जुड़े लोगों को इन दिग्गज कलाकारों से मिलने और उनके साथ काम करने का अवसर मिला। नाना पाटेकर की सहजता और कलाकारों के प्रति अपनापन आज भी बस्तर के रंगकर्मियों की यादों में ताजा है। नाना पाटेकर के निधन से बस्तर का थिएटर और कलाकार जगत भी गहरे शोक में हैं। उनके साथ जुड़ी ये पुरानी यादें आज बस्तर के कलाकारों के लिए एक अनमोल विरासत बन गई हैं।

