FEATUREDNationalPopular

भारत ने सऊदी अरब से कहा कि वह इस्लामाबाद के साथ रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर के बाद द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों में आपसी हितों और संवेदनशीलता पर विचार करे।

भारत ने दुनिया से आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से निपटने के प्रयासों को मज़बूत और तीव्र करने का आह्वान किया है। भारत ने कहा कि दुनिया आतंकवादियों और पाकिस्तानी सरकार व सेना के बीच सांठगांठ से अवगत है।

 

नई दिल्ली में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान पाकिस्तान में आतंकी संगठनों के नवीनतम वीडियो पर एक प्रश्न का उत्तर देते हुए, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “ऐसी घटनाएँ इसे और भी भयावह बनाती हैं।” उन्होंने कहा कि प्रत्येक राष्ट्र को सीमा पार आतंकवाद और उसके सभी रूपों से लड़ना चाहिए।

 

श्री जायसवाल ने कहा कि बहुपक्षीय मंचों से आने वाले प्रत्येक दस्तावेज में, चाहे वह ब्रिक्स हो, एससीओ हो या कहीं और, अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद से निपटने के लिए मजबूत समर्थन है और सीमा पार आतंकवाद से लड़ने का भी उल्लेख है।

 

सऊदी अरब-पाकिस्तान समझौते पर प्रवक्ता ने कहा कि भारत और सऊदी अरब के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी है जो पिछले कुछ वर्षों में और भी गहरी हुई है। उन्होंने कहा कि भारत को उम्मीद है कि इस रणनीतिक साझेदारी में आपसी हितों और संवेदनशीलताओं का ध्यान रखा जाएगा।

 

श्री जायसवाल ने कहा, “भारत नेपाल में सुशीला कार्की के नेतृत्व में नई अंतरिम सरकार के गठन का स्वागत करता है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुश्री कार्की के साथ गर्मजोशी से बातचीत की और शांति एवं स्थिरता बहाल करने के उनके प्रयासों के प्रति भारत के दृढ़ समर्थन की पुष्टि की।

 

प्रवक्ता ने कहा कि एक निकट पड़ोसी, एक लोकतांत्रिक देश और दीर्घकालिक विकास साझेदार के रूप में भारत, दोनों देशों के लोगों की भलाई और समृद्धि के लिए नेपाल के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।

 

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के बारे में श्री जायसवाल ने कहा कि सहायक व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच के नेतृत्व में अमेरिका का एक प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली में था।

 

उन्होंने कहा कि श्री लिंच ने व्यापार समझौते के लिए चल रही वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए वाणिज्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।

 

प्रवक्ता ने कहा कि ये चर्चाएं सकारात्मक और दूरदर्शी रहीं, जिनमें व्यापार समझौते के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया तथा दोनों पक्षों के बीच यह भी निर्णय लिया गया कि पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को शीघ्र पूरा करने के लिए प्रयास तेज किए जाएं।