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जीएसटी परिषद ने बीमा, दवाओं, दैनिक आवश्यक वस्तुओं पर दरों में कटौती की; आम आदमी, किसानों और उद्योगों को बड़ी राहत

जीएसटी परिषद ने आम आदमी, श्रम-प्रधान उद्योगों, किसानों और कृषि, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था के प्रमुख चालकों पर ध्यान केंद्रित करते हुए दरों को युक्तिसंगत बनाने को मंज़ूरी दे दी है। कल रात नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आम आदमी और मध्यम वर्ग की वस्तुओं पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) 18 प्रतिशत या 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जीएसटी परिषद ने सभी व्यक्तिगत जीवन बीमा पॉलिसियों, चाहे वे टर्म लाइफ, यूलिप या एंडोमेंट पॉलिसियाँ हों, सभी व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों, जिनमें फैमिली फ्लोटर पॉलिसियाँ और वरिष्ठ नागरिकों के लिए पॉलिसियाँ और उनका पुनर्बीमा शामिल है, पर जीएसटी से छूट को मंज़ूरी दे दी है।

ये सभी बदलाव इस महीने की 22 तारीख, यानी नवरात्रि के पहले दिन से लागू होंगे। सुश्री सीतारमण ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य आम आदमी के लिए बीमा को सस्ता बनाना और देश में बीमा कवरेज बढ़ाना है। वित्त मंत्री ने 33 जीवन रक्षक दवाओं और औषधियों पर जीएसटी को 12 प्रतिशत से घटाकर शून्य करने और कैंसर, दुर्लभ बीमारियों और अन्य गंभीर पुरानी बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली तीन जीवन रक्षक दवाओं पर जीएसटी को 5 प्रतिशत से घटाकर शून्य करने की घोषणा की। अन्य सभी दवाओं और औषधियों पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। चिकित्सा, शल्य चिकित्सा, दंत चिकित्सा या पशु चिकित्सा प्रयोजनों या भौतिक और रासायनिक विश्लेषण के लिए उपयोग किए जाने वाले विभिन्न चिकित्सा उपकरणों और उपकरणों पर जीएसटी भी 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।

वित्त मंत्री ने बताया कि हेयर ऑयल, टॉयलेट सोप, साबुन की टिकिया, शैंपू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, साइकिल, टेबलवेयर, किचनवेयर और अन्य घरेलू सामान पर अब केवल 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। उन्होंने आगे बताया कि अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर दूध, छेना और पनीर पर जीएसटी 5 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है, जबकि सभी भारतीय ब्रेड पर अब शून्य दर लागू होगी। सीतारमण ने यह भी घोषणा की कि नमकीन, भुजिया, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी, संरक्षित मांस, कॉर्नफ्लेक्स, मक्खन और घी जैसे खाद्य पदार्थों पर जीएसटी 12 प्रतिशत या 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।

मंत्री महोदया ने बताया कि एयर कंडीशनिंग मशीन, 32 इंच से बड़े टीवी, सभी प्रकार के टीवी, डिशवाशिंग मशीन, छोटी कारें और मोटरसाइकिल जैसी वस्तुओं पर जीएसटी स्लैब 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि श्रम-प्रधान उद्योगों को मज़बूत समर्थन मिला है, साथ ही किसानों और कृषि क्षेत्र को भी इन फैसलों से लाभ होगा। उन्होंने कहा कि सभी कृषि उपकरणों पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगली पीढ़ी के कर सुधारों की दिशा तय की और यह सुनिश्चित किया कि लोगों को जल्द से जल्द लाभ मिले। उन्होंने कहा कि सरकार ने उलटे शुल्क ढांचे से जुड़ी समस्याओं को ठीक किया है, वर्गीकरण संबंधी मामलों को सुलझाया है और जीएसटी व्यवस्था में अधिक स्थिरता और पूर्वानुमान सुनिश्चित किया है। अप्रत्यक्ष कर ढांचे को युक्तिसंगत बनाते हुए, जीएसटी परिषद ने 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत की दरों को समाप्त करके मौजूदा चार स्लैब को घटाकर दो कर दिया, जबकि 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की स्लैब को बरकरार रखा। राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि दरों को युक्तिसंगत बनाने से 48,000 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रभाव पड़ेगा, जो केंद्र और राज्य दोनों के लिए “राजकोषीय रूप से टिकाऊ” होगा।

वित्त मंत्री की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई। परिषद ने भारत के अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों पर विचार-विमर्श किया, जिसमें कर दरों को युक्तिसंगत बनाना और अनुपालन को सरल बनाना शामिल है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, दिल्ली, गोवा, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, मेघालय और ओडिशा के मुख्यमंत्री बैठक में उपस्थित थे। अरुणाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और तेलंगाना के उप-मुख्यमंत्री, मणिपुर के राज्यपाल और कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री भी बैठक में शामिल हुए।