केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर ने कहा कि दूरसंचार अवसंरचना भारत के एआई पारिस्थितिकी तंत्र की आधारशिला है।
संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने आज इस बात पर जोर दिया कि दूरसंचार अवसंरचना भारत के एआई पारिस्थितिकी तंत्र की आधारशिला है। मंत्री नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी कोई विलासिता नहीं, बल्कि संप्रभुता है। मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि समावेशी डिजिटल कनेक्टिविटी भारत के तकनीकी नेतृत्व और डिजिटल सशक्तिकरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
डॉ. पेम्मासानी ने भारत की तीव्र दूरसंचार वृद्धि पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 2014 में छह करोड़ से बढ़कर 2025 में 100 करोड़ हो गई है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि दूरसंचार अब केवल कॉल कनेक्ट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अवसरों को जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने समावेशी, सुरक्षित और एआई-युक्त डिजिटल भविष्य के निर्माण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर शीर्ष एआई पारिस्थितिकी तंत्रों में शुमार है और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा दूरसंचार बाजार है। उन्होंने बताया कि एआई को विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से अपनाया जा रहा है और बड़ी संख्या में बड़े उद्यम सक्रिय उत्पादन परिवेशों में एआई का उपयोग कर रहे हैं।

