घरेलू स्वच्छता अभियान शुरू होगा सैनिटरी पैड, डायपर, एक्सपायर दवाइयों का निपटान
मुंबई । बीएमसी प्रशासन ने घरेलू स्वच्छता अभियान की शुरूआत कर दी है। इस अभियान के तहत रजिस्ट्रेशन कराने वाले संस्थानों से सैनिटरी पैड, डायपर, एक्सपायर दवाइयों को इकट्ठा कर उसका निपटान किया जाएगा।
लोगों के व्यक्तिगत उपयोग से संबंधित जैसे सैनिटरी पैड, डायपर, एक्सपायर हो चुकी दवाइयां आदि के संग्रह के लिए ‘घरेलू स्वच्छता और विशेष देखभाल अपशिष्ट संग्रह’ सेवा को शुरू किया गया है। मुंबई में विभिन्न हाउसिंग सोसायटी, आवासीय परिसर, ब्यूटी पार्लर, महिला छात्रावास, शैक्षणिक संस्थान आदि इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं। मनपा उपायुक्त (ठोस अपशिष्ट प्रबंधन) किरण दिघावकर के अनुसार फिलहाल मुंबई में प्रतिदिन लगभग 7 से 8 हजार टन ठोस कचरा उत्पन्न होता है। इसमें से 70 से 80 टन कचरा व्यक्तिगत स्वच्छता (सैनिटरी अपशिष्ट) से संबंधित है। इसमें मुख्य रूप से सैनेटरी नैपकिन, डायपर, टैम्पोन, कंडोम और अन्य स्वच्छता संबंधी वस्तुएं होती हैं।
दिघावकर ने बताया कि विभिन्न तरल पदार्थों से दूषित शरीर को पोंछने में रूई, पट्टियां, एक्सपायर हो चुकी दवा, इंजेक्शन, सुई, रेजर ब्लेड और ब्यूटी पार्लरों में वैक्सिंग स्ट्रिप्स, पीपीई शामिल हैं। यह अत्यधिक खतरनाक कचरा होता है, फिर भी इसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। सामान्य घरेलू कचरे के साथ ही निपटा दिया जाता है। इससे कचरा एकत्र करने वाले सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा होता है। इस सेवा का लाभ उठाने के लिए हाउसिंग सोसायटियों, ब्यूटी सैलून, महिला छात्रावास, शिक्षा संस्थान आदि को अपना पंजीकरण कराना होगा।

