नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ 2027 के लोगो का अनावरण
छत्रपति संभाजीनगर, 13 मई। महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को 2027 में होने वाले नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए आधिकारिक लोगो का अनावरण किया। मुंबई स्थित सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की उपस्थिति में लोगो का अनावरण किया। लोगो भारतीय आध्यात्मिकता, आस्था और सिंहस्थ परंपरा को प्रदर्शित करता है।
नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण, मायजीओवी इंडिया और एसोसिएशन ऑफ डिजाइनर्स ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित डिजाइन प्रतियोगिता के माध्यम से इस लोगो का चयन किया गया। 20 नवंबर से 20 दिसंबर 2025 के बीच आयोजित इस प्रतियोगिता में 70 अंतरराष्ट्रीय सहित कुल 3,067 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। सहभागिता के मामले में महाराष्ट्र राज्य पहले स्थान पर रहा, जबकि दिल्ली और तमिलनाडु क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। 18 से 24 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं ने प्रतियोगिता में सबसे अधिक सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।
कुंभ मेला प्राधिकरण की ओर से लोगो डिजाइन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। प्रतियोगिता में चयनित तीन उत्कृष्ट प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री फडणवीस के हाथों सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले पुणे के सुमित काटे को 3 लाख रुपये का चेक और स्मृति चिह्न प्रदान किया गया। द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले उत्तर प्रदेश के नोएडा के मयंक नायक को 2 लाख रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले पंढरपुर के पीयूष पिंपलनेरकर को एक लाख रुपये का चेक और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिता में प्राप्त प्रविष्टियों का मूल्यांकन प्रसिद्ध डिजाइन विशेषज्ञों की समिति द्वारा किया गया। इस समिति में प्रसून जोशी, अश्विनी देशपांडे, मंदार राणे, वृषाली केकणे (देशमुख), बारिश दाते, विनय नारंग, डॉ. प्राजक्ता बास्ते, प्रफुल्ल सावंत, डॉ. दिनेश वैद्य, एंथनी लोपेज और डॉ. किरण शिंदे शामिल थे। चयन प्रक्रिया में रचनात्मकता, नवाचार, ब्रांड सामंजस्य और प्रस्तुति को प्रमुख आधार बनाया गया।
कार्यक्रम में कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल, स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे, उद्योग मंत्री उदय सामंत, लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंह राजे भोसले, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, नासिक विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम तथा कुंभ मेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह सहित विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत उपस्थित रहे।
इस लोगो में नासिक और त्र्यंबकेश्वर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया गया है। भगवान शिव का त्रिशूल आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है। वहीं त्र्यंबकेश्वर मंदिर की प्रतिकृति, कालाराम मंदिर की मेहराब तथा गोदावरी नदी को ‘शिवलिंग’ के रूप में चित्रित किया गया है, जो कुंभ मेले में पवित्र स्नान की परंपरा के महत्व को प्रदर्शित करता है।

