सर्दी में संतरा, दही और नारियल पानी जैसी ठंडी चीजों को किस समय खाना चाहिए?
सर्दियों के दौरान संतरे जैसे फल को बड़े चाव से खाया जाता है. पर क्या आप जानते हैं कि इस फल की तासीर ठंडी होने की वजह से ये कभी-कभी मुसीबत का कारण भी बन सकता है. संतरा भले ही विटामिन सी समेत कई पोषक तत्वों से भरपूर हो पर इसे भी सही समय पर खाना चाहिए. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर आप संतरा या दही जैसी ठंडी चीजों को गलत समय पर खाते हैं तो इससे सर्दी लगने के आसार बढ़ जाते हैं. वैसे लोगों में ये सवाल बना रहता है कि हमें सर्दी में किस समय और कितनी मात्रा में संतरे जैसे फल का सेवन करना चाहिए.
लोगों में ये सवाल भी रहता है कि संतरे का जूस पीना चाहिए या इसे सीधे खाएं. संतरे से शुगर लेवल तो नहीं बढ़ता है. वैसे अहम सवाल है इसे ठंड में किस समय खाया जाए. आयुर्वेद के एक्सपर्ट आरपी पराशर ने संतरे के सेवन को लेकर कुछ जानकारी साझा की. चलिए आपको बताते हैं इसके बारे में.
कहता है आयुर्वेद
दिल्ली में आयुर्वेद के डॉक्टर आर. पी पाराशर बताते हैं कि सर्दियों में संतरे को जब अधिक ठंड हो तो खाने से बचें. इसके लिए संतरे को सुबह-सुबह खाली पेट या और रात में न खाएं. दोपहर के समय इसको खा सकते हैं. सुबह खाली पेट संतरा एसिड रिफ्लैक्स कर सकता है. खाली पेट संतरे का सेवन करने से दिनभर सीने में जलन, मतली या उल्टी जैसी दिक्कत बनी रह सकती है. वहीं अगर इसे रात में खाया जाए तो ठंड लगने की शिकायत हो सकती है.
संतरे की तरह लोगों में ठंड के दौरान नारियल पानी और दही के सेवन को लेकर कंफ्यूजन रहती है. एक्सपर्ट कहते हैं कि इन दोनों चीजों को भी सर्दी में दोपहर के समय खाना बेस्ट है. सर्दी में अधिकतर लोग दही को खाना बंद कर देते हैं. उन्हें लगता है कि इसे खाते ही छींक आना शुरू हो जाती है. आयुर्वेद कहता है कि दही जैसे प्रोबायोटिक फूड्स हमारे वात दोष का संतुलन बनाए रखती हैं.
सर्दियों में भी दही खाने से पेट स्वस्थ रहता है. पेट में बनी गर्मी के शांत रहने से न सिर्फ अपच बल्कि स्किन पर भी एक्ने या पिंपल की समस्या नहीं होती. इसलिए आयुर्वेद कहता है कि हमें सर्दियों में भी दही और नारियल पानी जैसी चीजों का सेवन जरूर करना चाहिए. नारियल पानी का सबसे बड़ा फायदा पेट के स्वास्थ्य को मिलता है.

