जॉनसनकैब इलेक्ट्रिकल्स की स्टॉक मार्केट में प्रीमियम लिस्टिंग, मुनाफे में आईपीओ निवेशक
नई दिल्ली, 06 नवंबर । इलेक्ट्रिकल केबल्स और वायर का उत्पादन करने वाली कंपनी जॉनसनकैब इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में प्रीमियम एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 200 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 19.25 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 238.50 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण यह शेयर फिसल कर 226.65 रुपये के स्तर तक गिर गया। हालांकि थोड़ी देर बाद ही खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी। लगातार हो रही लिवाली के सपोर्ट से यह शेयर उछल कर 240 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। बाजार में लगातार जारी खरीद बिक्री के बीच दोपहर 12:15 बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 238 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 38 रुपये यानी 19 प्रतिशत का फायदा हो गया है।
इस कंपनी का 56.02 करोड़ रुपये का आईपीओ 30 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 23.82 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 20.19 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 42.27 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 17.98 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 28.01 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। इसमें कोई ऑफर फॉर सेल नहीं है। इस आईपीओ से जुटाई गई रकम में से 8.46 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी के विस्तार के लिए अतिरिक्त फैक्ट्री शेड के निर्माण में किया जाएगा। इसके अलावा 9.90 करोड़ रुपये का उपयोग उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त प्लांट और मशीनरी की खरीद के लिए होगा।
इसी तरह 8.50 करोड़ रुपये का निवेश पेपर इंसुलेटेड कॉपर तथा एल्युमीनियम कंडक्टर्स के निर्माण के लिए नई मशीनरी खरीदने पर किया जाएगा। 3.23 करोड़ रुपये का इस्तेमाल एक रूफटॉप सोलर पावर प्लांट की खरीद और स्थापना के लिए किया जाएगा। इसके अतिरक्त 14 करोड़ रुपये कंपनी की वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए आवंटित होंगे। इसके बाद शेष बची राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों पर खर्च होगी।
जॉनसनकैब इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कंपनी द्वारा कंपनी द्वारा सेबी के पास जमा किए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले वित्त वर्षों के दौरान लगातार मजबूती बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 2.52 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 5.46 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 146 प्रतिशत की और दमदार बढ़त के साथ 13.42 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों यानी 31 अगस्त तक ही कंपनी को 8.63 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 88.95 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 140 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 51 प्रतिशत की शानदार छलांग के साथ 211.34 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों यानी 31 अगस्त तक कंपनी को 113.33 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।
कंपनी के विस्तार के साथ-साथ इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का कुल कर्ज (टोटल बॉरोइंग) 32.81 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 41.79 करोड़ रुपये हो गया और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में बढ़ कर 79.88 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 अगस्त तक कंपनी का कुल कर्ज 77.57 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।
कंपनी की कुल संपत्ति (टोटल एसेट्स) में इस दौरान लगातार मजबूती बनी रही। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 48.44 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 64.28 करोड़ रुपये हो गई और वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में मजबूत होकर 126.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 अगस्त तक कंपनी की कुल संपत्ति 132.07 करोड़ रुपये दर्ज की गई है।
रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार मजबूती हासिल की है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 5.88 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में बढ़ कर 11.24 करोड़ रुपये और अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में बढ़ कर 23.67 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 अगस्त तक यह और बढ़ कर 32.31 करोड़ रुपये हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 8.88 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 14.24 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2025-26 में और मजबूत होकर 31.44 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 अगस्त तक कंपनी का नेटवर्थ 40.08 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
इसी तरह कंपनी का ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) वित्त वर्ष 2023-24 में 5.42 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 12.14 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2025-26 में छलांग लगा कर 24.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 अगस्त तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 15.32 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।
यह कंपनी जॉनसन ब्रांड के तहत 1.1 केवी तक के लो-वोल्टेज वायर्स और केबल्स का उत्पादन करती है। इसके उत्पादों का उपयोग मुख्य रूप से पावर इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी, रेलवे और इंडस्ट्रियल एप्लिकेशंस में होता है।

