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ट्राई ने अंतर-संपर्क समझौतों के पंजीकरण के नियमों में किया संशोधन, नए नियम 1 जनवरी से होंगे लागू

नई दिल्ली, 06 नवंबर । भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के बीच अंतर-संपर्क समझौतों के पंजीकरण और रखरखाव से जुड़े नियमों में संशोधन किया है। इसके तहत सभी सेवा प्रदाताओं को अपने समझौतों और उनमें किए गए बदलावों का पंजीकरण ट्राई के पोर्टल पर ऑनलाइन कराना होगा। संशोधित विनियम 1 जनवरी से लागू होंगे।

ट्राई ने शुक्रवार को ‘रजिस्टर ऑफ इंटरकनेक्ट एग्रीमेंट्स (चौथा संशोधन) विनियम, 2026’ जारी किए। इसके अनुसार, 1 जनवरी 2027 को लागू सभी मौजूदा समझौतों को इस तारीख से 15 दिनों के भीतर पोर्टल पर जमा कराना होगा। नए समझौतों और उनमें किए गए संशोधनों का पंजीकरण भी उनके निष्पादन या संशोधन के 15 दिनों के भीतर कराना अनिवार्य होगा। पहले मुद्रित प्रतियों के साथ फ्लॉपी या डिस्केट में सॉफ्ट कॉपी जमा करने की व्यवस्था थी, जिसे समाप्त कर दिया गया है।

संशोधित नियमों के तहत समझौतों की इलेक्ट्रॉनिक प्रतियां टेक्स्ट-सर्च योग्य पीडीएफ प्रारूप में जमा करानी होंगी। इसके अलावा, रजिस्टर के निरीक्षण, उसके निर्धारित हिस्से तक पहुंच और उसकी प्रतियां या अंश प्राप्त करने के लिए आवेदन भी ट्राई के पोर्टल के माध्यम से किया जा सकेगा। इससे लोगों को मौजूदा भौतिक व्यवस्था के साथ ऑनलाइन माध्यम से भी रजिस्टर तक पहुंच मिलेगी।

ट्राई सेवा प्रदाताओं से अंतर-संपर्क समझौतों से जुड़ी अलग-अलग श्रेणियों की विस्तृत जानकारी निर्धारित प्रारूप में तय समयसीमा के भीतर मांग सकेगा। इससे समझौतों से संबंधित मानकीकृत जानकारी उपलब्ध कराने और नियामकीय निगरानी को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

संशोधन के तहत रजिस्टर के निरीक्षण का शुल्क 1,500 रुपये प्रति घंटा या उसके किसी हिस्से के लिए निर्धारित किया गया है। वहीं, प्रतियां या अंश प्राप्त करने के लिए 500 रुपये प्रति पृष्ठ शुल्क देना होगा। यह शुल्क ढांचा भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (सूचना तक पहुंच) विनियम, 2005 के अनुरूप रखा गया है। नियमों के उल्लंघन पर उल्लंघन की प्रकृति और गंभीरता के आधार पर अलग-अलग स्तर के वित्तीय दंड का भी प्रावधान किया गया है।

ट्राई के अनुसार, दूरसंचार क्षेत्र में अंतर-संपर्क व्यवस्था के तहत दो या अधिक नेटवर्क को तकनीकी और व्यावसायिक रूप से जोड़ा जाता है, ताकि अलग-अलग सेवा प्रदाताओं के उपभोक्ता आपस में संवाद कर सकें। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997 की धारा 11(1)(बी) के उपखंड (सात) और (आठ) के तहत प्राधिकरण को अंतर-संपर्क समझौतों का रजिस्टर रखने और निर्धारित शुल्क तथा शर्तों के अधीन इसे सार्वजनिक निरीक्षण के लिए उपलब्ध कराने का अधिकार है।

ट्राई ने इस व्यवस्था की समीक्षा के लिए 3 अप्रैल 2025 को पूर्व-परामर्श पत्र जारी किया था। इसके बाद 10 नवंबर 2025 को परामर्श पत्र जारी कर हितधारकों से सुझाव मांगे गए। इस प्रक्रिया में 17 हितधारकों ने टिप्पणियां और 9 ने जवाबी टिप्पणियां प्रस्तुत कीं। इस विषय पर 28 जनवरी 2026 को खुली चर्चा भी हुई। प्राप्त सुझावों और उनके विश्लेषण के आधार पर संशोधित विनियमों को अंतिम रूप दिया गया।