अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले में मप्र के इंदौर से एक आरोपित गिरफ्तार
इंदौर, 24 अक्टूबर। फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में मध्य प्रदेश के इंदौर से एक आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। मुंबई क्राइम ब्रांच और इंदौर क्राइम ब्रांच ने शनिवार को संयुक्त कार्रवाई कर हरियाणा के सोनीपत निवासी प्रांजल ठाकरान (22) को हिरासत में लिया है।
इंदौर क्राइम ब्रांच के एडीसीपी राजेश दंडोतिया ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि प्रांजल पर फायरिंग की साजिश में शामिल होने और हथियार सप्लाई करने का आरोप है। हालांकि, उन्होंने मामले में उसकी भूमिका को लेकर पुलिस ने विस्तृत जानकारी नहीं दी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपित प्रांजल करीब पांच दिन पहले अपने भाई का इलाज कराने के लिए इंदौर आया था। एडीसीपी दंडोतिया ने बताया कि मुंबई में हुई फायरिंग की घटना में संदिग्ध भूमिका को लेकर मुंबई क्राइम ब्रांच ने गुरुवार की रात इंदौर पुलिस से संपर्क किया था। मुंबई क्राइम ब्रांच को मिले इनपुट के आधार पर संदिग्ध की लोकेशन का पता लगाया गया।
उन्होंने बताया कि मुम्बई की टीम शनिवार को इंदौर पहुंची और स्थानीय टीम के साथ समन्वय कर आरोपित को हिरासत में लिया। कार्रवाई में मुंबई क्राइम ब्रांच के करीब चार अधिकारी और इंदौर क्राइम ब्रांच के आठ पुलिसकर्मी शामिल रहे। उन्होंने बताया कि मुंबई क्राइम ब्रांच उससे पूछताछ कर फायरिंग की साजिश, हथियारों की सप्लाई और अन्य आरोपितों से उसके संपर्कों की जांच में जुटी है।
गौरतलब है कि इसी माह गत 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर पांच से छह राउंड फायरिंग की गई थी। टाइगर सुरक्षित बच गए थे, जबकि उनके ड्राइवर और एक व्लॉगर घायल हो गए थे। फायरिंग की घटना के बाद अनिल पंडित ने सोशल मीडिया पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संबंध होने का दावा करते हुए वारदात की जिम्मेदारी ली थी। हालांकि, प्रांजल ठाकरान के इस गैंग से जुड़े होने की अभी पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि उसने अन्य आरोपितों को किसी तरह की मदद दी थी या नहीं।
प्रांजल की गिरफ्तारी से पहले मुम्बई पुलिस इस मामले में 10 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी थी। मुंबई डीसीपी राज तिलक रौशन ने शनिवार को बताया कि इस गिरफ्तारी के साथ ही केस में अब तक कुल 11 आरोपित पकड़े जा चुके हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित हमले की योजना कैसे बनाई गई और हथियारों की सप्लाई में किन लोगों की भूमिका रही। जांच आगे बढ़ने के साथ फायरिंग की साजिश में प्रांजल की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।

