कचरे से सीबीजी उत्पादन के लिए टास्क फोर्स गठित करें: मुख्यमंत्री
मुंबई, 13 अक्टूबर । महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को राज्य के शहरों को कचरा-मुक्त बनाने और कचरे से कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए टास्क फोर्स गठित किए जाने का निर्देश अधिकारियों को दिया है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज्य की सीबीजी नीति के अनुरूप जहां संभव हो, वहां ऐसी परियोजनाएं स्थापित की जाएं। उन्होंने आज वर्षा निवास पर आयोजित बैठक में कचरा-मुक्त शहरों और सीबीजी परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सीबीजी परियोजनाओं की योजना बनाते समय कचरे की उपलब्ध मात्रा, जमीन की उपलब्धता, तकनीक की उपयुक्तता और गैस पाइपलाइन से दूरी जैसे पहलुओं पर विचार करना जरूरी है। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए संबंधित कंपनियों, तेल कंपनियों और स्थानीय स्वशासन संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कचरे से बायोगैस बनाने वाली परियोजनाओं से नगर निकायों को कचरा संग्रहण और प्रबंधन पर होने वाले खर्च में कमी लाने में मदद मिलेगी। साथ ही, शहरों को कचरा-मुक्त बनाने के लक्ष्य को भी गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई महानगर क्षेत्र में कचरे की समस्या गंभीर है। ऐसे में मुंबई महानगरपालिका, वसई-विरार, मीरा-भायंदर और कल्याण-डोंबिवली के साथ-साथ पुणे के हिंजेवाड़ी और चाकण क्षेत्रों में भी परियोजनाएं स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन, उपलब्ध तकनीकों के प्रभावी उपयोग और परियोजनाओं के लिए आवश्यक जमीन की व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। राज्य के शहरों को कचरा-मुक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया।
बैठक में बैठक में राज्य मंत्री माधुरी मिसाल, मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े, शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के. एच. गोविंदराज ,स्वच्छ महाराष्ट्र मिशन के निदेशक नवनाथ वाथ, केवा ग्रीन की कार्यकारी निदेशक वृंदा ठाकुर, प्रबंध निदेशक केदार वाझे, निदेशक नंदन वाझे, बीपीसीएल के मुख्य महाप्रबंधक इंद्रजीत सिंह, महाप्रबंधक संतोष वार्ष्णेय और डब्ल्यूटीटी के तजार्ड वान बर्ग उपस्थित थे। राज्य के विभिन्न नगर आयुक्तों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।

