Mumbai

पेड़ों की सुरक्षा के लिए बनेगी वन नीति

मुंबई, 09 अक्टूबर । मुंबई के चेंबूर इलाके में पेड़ गिरने से 11 वर्षीय विहान श्रीवास्तव की मौत के बाद पेड़ों की सुरक्षा और शहरी हरित क्षेत्र के प्रबंधन को लेकर मुंबई मनपा अब दीर्घकालीन नीति बनाने में जुट गई है। पेड़ों की सुऱक्षा के लिए शहरी वन नीति बनाई जाएगी।

घटना की जांच के लिए गठित स्वतंत्र समिति बीएमसी को कुल चार रिपोर्ट सौंपेगी। इनमें एक तथ्य-जांच रिपोर्ट होगी, जबकि तीन रिपोर्टों में शहर के हरित क्षेत्र और पेड़ों के संरक्षण और आपदा के बाद प्रभावी प्रबंधन को लेकर नीतिगत सुझाव दिए जाएंगे। इनमें से दो रिपोर्ट बीएमसी को मिल चुकी हैं, जबकि बाकी दो रिपोर्ट 10 अक्टूबर तक मनपा आयुक्त अश्विनी भिड़े को सौंपे जाने की संभावना है। चेंबूर के दर्दनाक हादसे के बाद पेड़ों की नियमित निगरानी, उनकी जड़ों के आसपास होने वाले निर्माण कार्य और विभिन्न मनपा विभागों के बीच समन्वय को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। इसी पृष्ठभूमि में वनस्पतिशास्त्री और मुंबई यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति डॉ. संजय वी. देशमुख की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी।

समिति की सबसे अहम सिफारिश शहरी वन प्रबंधन नीति को लेकर है। इस नीति के जरिए शहर में पेड़ों से संबंधित काम करने वाले मनपा विभागों के लिए स्पष्ट नियम और जिम्मेदारियां तय करने का प्रस्ताव है। पेड़ों की स्थिति का आकलन, संरक्षण, जोखिम वाले पेड़ों की पहचान और उनके आसपास होने वाले विकास कार्यों के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के लिए मानक तय किए जाएंगे। इससे पहले मुंबई की महापौर रितू तावड़े ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट को खारिज कर दिया था. उस रिपोर्ट में मनपा के सड़क और उद्यान विभागों को क्लीन चिट दी गई थी। पेड़ की जड़ों के कमजोर होने के लिए सड़क निर्माण के दौरान हुई खुदाई को जिम्मेदार माना गया था। ठेकेदार और सलाहकार पर सात लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।