लोकसभा में आज अधिकरण सुधार विधेयक 2026 पेश किया गया। दिन के 12 बजे तक स्थगित रहने के बाद सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई विधि और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विपक्ष के शोर-शराबे के बीच अधिकरण सुधार विधेयक पेश किया।
यह विधेयक विभिन्न अधिकरणों के अध्यक्षों और सदस्यों की योग्यता और नियुक्ति में एकरूपता सुनिश्चित करने तथा प्रशासन और कामकाज में कुशलता, स्वतंत्रता और पारदर्शिता बढ़ाने का प्रावधान करता है। इसके तहत राष्ट्रीय अधिकरण आयोग के गठन का भी प्रस्ताव है।
कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने खदान और खनिज विकास और नियमन संशोधन विधेयक 2026 पेश किया। यह विधेयक 1957 के संबंधित अधिनियम में संशोधन करेगा।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने केरल नाम संशोधन विधेयक 2026 सदन के समक्ष रखा। यह विधेयक केरल राज्य के नाम में परिवर्तन का प्रावधान करता है।
सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम संशोधन विधेयक 2026 पेश किया। इसके माध्यम से 1962 के संबंधित अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव है।
इसके बाद पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने विपक्षी सदस्यों से अपनी सीटों पर वापस जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया। विपक्षी सदस्य नीट मुद्दे पर विद्यार्थियों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के वक्तव्य की मांग कर रहे थे। शोर-शराबा जारी रहने पर सदन की कार्यवाही दिन के दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
आज सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई पीठासीन अधिकारी एन.के. प्रेमाचंद्रन ने प्रश्न काल चलाने का प्रयास किया, लेकिन विपक्ष ने विद्यार्थियों पर कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया और गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग की। शोरशराबे के कारण सदन की कार्यवाही पहले दिन के 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
राज्यसभा की कार्यवाही नीट मुद्दे पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
पहले स्थगन के बाद बैठक फिर शुरू होने के पर सभापति सी पी राधाकृष्णन ने प्रश्नकाल शुरू किया। विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि संबंधित हितधारकों से परामर्श पूरा होने के बाद राष्ट्रीय विद्युत नीति, 2026 का मसौदा अंतिम रूप देने के चरण में है।
पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए श्री मनोहर लाल ने कहा कि यह नीति स्मार्ट विद्युत वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए बनाई गई है। उन्होंने कहा कि बिजली की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मांग और आपूर्ति प्रबंधन का पूरा ध्यान रखा गया है।
विपक्ष के हंगामे के बीच श्री लाल ने पूरक प्रश्नों का उत्तर दिया। शोर-शराबा जारी रहने के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।