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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का कहना है कि शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने देश में निष्पक्ष मतदाता सूचियों पर जोर देते हुए कहा कि यह किसी भी लोकतंत्र की आधारशिला है। श्री कुमार ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारतीय चुनाव आयोग और राज्य चुनाव आयुक्तों के राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि सभी पात्र मतदाताओं को मतदाता सूचियों में शामिल करने के लिए विशेष गहन संशोधन अभ्यास शुरू किया गया है, जबकि अपात्र मतदाताओं को इससे बाहर रखा जाना चाहिए

उन्होंने कहा कि बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जो बिना किसी अपील के त्रुटिरहित रूप से पूरी हो गई। श्री ज्ञानेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में 12 राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया चल रही है और इनमें से 11 राज्यों ने अपनी मतदाता सूची प्रकाशित कर दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह भी कहा कि अब चुनाव आयोग और राज्य चुनाव आयोगों के बीच आवश्यक तालमेल स्थापित करने का समय आ गया है।

इस अवसर पर बोलते हुए चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू ने कहा कि सम्मेलन के आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारत निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयुक्तों के बीच सहयोग बढ़ाना और चुनावी प्रक्रिया की सर्वोत्तम पद्धतियों को साझा करना है। चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया की आधारशिला मतदाता सूची की शुद्धता है ताकि कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए।

इस सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार कर रहे हैं। सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य चुनावी प्रक्रियाओं और कानूनी ढाँचे के भीतर व्यवस्थाओं के संबंध में निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयुक्तों के कामकाज में तालमेल को बढ़ावा देना है। दिन भर चलने वाले इस सम्मेलन में प्रौद्योगिकी, ईवीएम और मतदाता सूची साझा करने के साथ-साथ चुनावी प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने पर चर्चा होगी। यह गोलमेज सम्मेलन 27 वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित किया जा रहा है। पिछला सम्मेलन 1999 में हुआ था।