कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित
नई दिल्ली, 10 फरवरी । लोकसभा में बजट सत्र के दसवें दिन मंगलवार को मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यों के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सदन में बोलने देने की मांग और आठ सदस्यों के निलंबन के विरोध में कांग्रेस सदस्य लगातार नारेबाजी करते रहे।
लोकसभा की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने पर कांग्रेस के सदस्यों ने नारेबाजी और हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके चलते कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। कार्यवाही जब फिर शुरू हुई तो पीठासीन अधिकारी पीसी मोहन ने सदन को बताया कि उन्हें स्थगन प्रस्तावों के कई नोटिस मिले हैं, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ने सभी को नामंजूर कर दिया है। इसके बाद विभिन्न मंत्रालयों के मंत्रियों ने प्रश्नकाल के दौरान पूछे गए प्रश्नों के उत्तर सदन के पटल पर रखे। इनमें वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री जितिन प्रसाद, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेन्द्र कुमार, केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल, कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर, गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, जलशक्ति राज्यमंत्री वी. सोमन्ना और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री सुरेश गोपी समेत कई मंत्री शामिल रहे। इस दौरान कांग्रेस सदस्यों का हंगामा लगातार जारी रहा।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि बजट सत्र में बजट पर चर्चा होनी चाहिए। जब कांग्रेस सदस्य शशि थरूर या अन्य सदस्यों को बोलने के लिए बुलाया जाता है तो वे बोलते नहीं हैं और केवल राहुल गांधी को बोलने की मांग करते हैं। जबकि अन्य विपक्षी दल जैसे राजद और तृणमूल कांग्रेस के सदस्य चर्चा के लिए तैयार हैं। कांग्रेस सदस्य न तो बोलते हैं और न ही चर्चा होने देते हैं, बल्कि अपील और हंगामे में समय गंवाते हैं। यह बजट सत्र है और बजट पर चर्चा होनी चाहिए।
कांग्रेस सदस्यों के लगातार हंगामे के बीच पीठासीन अधिकारी पीसी मोहन ने कार्यवाही शुरू होने के महज सात मिनट के भीतर ही 02 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

