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केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुवाहाटी स्टेशन पर ब्लेंडेड हॉस्पिटैलिटी सेवाओं का शुभारंभ किया

10 फ़रवरी । रेल संपर्क को मजबूत करते हुए और पूर्वोत्तर के विकास को नई गति देते हुए, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कल सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से असम के गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर ब्लेंडेड हॉस्पिटैलिटी सेवाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने सैरांग और सिलचर के बीच नई ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाई। सैरांग – सिलचर पैसेंजर रेलगाड़ी मिजोरम की राजधानी को असम की बराक घाटी से सीधे जोड़ेगी। इससे क्षेत्रीय एकीकरण में सुधार होगा और विद्यार्थियों, दैनिक यात्रियों और मरीजों को सुरक्षित, तेज और आरामदायक यात्रा मिलेगी।

सरकार ने पिछले एक दशक में इस क्षेत्र के लिए रेल फंडिंग में काफी बढ़ोतरी की

इस अवसर पर संबोधन में वैष्णव ने कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में इस क्षेत्र के लिए रेल फंडिंग में काफी बढ़ोतरी की है। इसमें उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए केंद्रीय बजट 2026-27 में ₹11,486 करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में लगभग ₹72,468 करोड़ की परियोजनाएं पहले से ही चल रही हैं, जो संपर्क सुविधा और अवसंरचना को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास को दिखाती हैं।

पूर्वोत्तर का विकास “विकसित भारत” के लिए ज़रूरी है

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह फोकस प्रधानमंत्री के इस विश्वास को दर्शाता है कि पूर्वोत्तर का विकास “विकसित भारत” के लिए ज़रूरी है और हर क्षेत्र को एक साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि रेल संपर्क न केवल यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाता है, बल्कि आर्थिक गतिविधि को भी बढ़ावा देता है। इससे सामान की आवाजाही आसान होती है, व्यापार को बढ़ावा मिलता है और स्थानीय उत्पादों के लिए बाज़ार खुलते हैं।

सैरंग और सिलचर के बीच नई यात्री रेलगाड़ी सेवा क्षेत्रीय एकीकरण में काफी सुधार करेगी

वैष्णव ने बताया कि बैराबी-सैरंग रेलवे लाइन मिजोरम की राजधानी को भारतीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ती है। इस बढ़े हुए फोकस के तहत पूरी की गई यह ऐतिहासिक और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण परियोजना रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किए गए इस रेल लिंक को अतिरिक्त ट्रेन सेवाओं के साथ और बेहतर बनाया जाएगा, जिससे मिजोरम से असम और उससे आगे का संपर्क बेहतर होगा।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सैरंग और सिलचर के बीच नई यात्री रेलगाड़ी सेवा क्षेत्रीय एकीकरण में काफी सुधार करेगी। इससे दक्षिणी असम, मिजोरम और अन्य उत्तर-पूर्वी राज्यों के निवासियों को फायदा होगा।

पिछले एक दशक में, पूर्वोत्तर का रेलवे मानचित्र तेज़ी से बदला है

आपको बता दें, पिछले एक दशक में, पूर्वोत्तर का रेलवे मानचित्र तेज़ी से बदला है, लंबे समय से अटकी परियोजनाएं पूरी हुई हैं और राज्यों की राजधानियां धीरे-धीरे राष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ रही हैं। पिछले वर्ष मिजोरम की 51 किमी लंबी बैराबी-सैरंग ब्रॉड-गेज लाइन शुरू होने से आइजोल पहली बार भारत के रेल मानचित्र पर आया, और अब सिलचर तक यात्री सेवाओं के विस्तार से यह संपर्क सुविधा और आगे बढ़ी है। इससे पूरे क्षेत्र में आवाजाही बेहतर होगी और विकास को बढ़ावा मिलेगा।