जीएसटी सुधार और ग्रामीण रिकवरी से ऑटो इंडस्ट्री में 20% उछाल
भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में वॉल्यूम के लिहाज से लगभग 20% की मजबूत ग्रोथ दर्ज की है। इसका प्रमुख कारण जीएसटी सुधार, ग्रामीण मांग में आई रिकवरी और त्योहारी सीजन का सकारात्मक असर बताया गया है। यह जानकारी शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।
अफोर्डेबिलिटी और फाइनेंसिंग से बढ़ी मांग
फाइनेंशियल सर्विसेज फर्म पीएल कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अफोर्डेबिलिटी में सुधार, आसान फाइनेंसिंग विकल्पों और ग्राहकों के बेहतर सेंटीमेंट के चलते पैसेंजर वाहन, दोपहिया और वाणिज्यिक वाहनों की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
पैसेंजर वाहनों की इन्वेंट्री में गिरावट
तीसरी तिमाही में बिक्री में मजबूत उछाल के कारण पैसेंजर वाहनों की इन्वेंट्री नवंबर में घटकर 45 दिन और दिसंबर में और कम होकर 38 दिन पर आ गई, जबकि पहले यह 55 दिन के स्तर पर थी।
छोटी कारों को जीएसटी कटौती का फायदा
रिपोर्ट में बताया गया कि जीएसटी दरों में कटौती के बाद छोटी कारों को सबसे अधिक लाभ मिला है। हालांकि, एसयूवी की बिक्री लगातार मजबूत बनी हुई है और इस सेगमेंट में मांग में कोई कमी नहीं देखी गई।
दोपहिया सेगमेंट में भी तेज उछाल
दोपहिया वाहनों की बिक्री में भी तेज बढ़त दर्ज की गई है। खासकर 150 सीसी और उससे ऊपर के सेगमेंट में मजबूत मांग के चलते कुछ मॉडलों में वेटिंग पीरिएड बढ़ गया है।
वाणिज्यिक वाहनों में रिकवरी के संकेत
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में वाणिज्यिक वाहनों के सेगमेंट में तेजी के शुरुआती संकेत देखने को मिले। मानसून के लंबे मौसम के बाद निर्माण और खनन गतिविधियों में आई तेजी से इस सेगमेंट को समर्थन मिला।
एम एंड एचसीवी का बेहतर प्रदर्शन
मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों (एम एंड एचसीवी) ने हल्के वाणिज्यिक वाहनों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। इसका कारण प्रतिस्थापन की बढ़ती मांग और ग्राहकों का अधिक क्षमता वाले वाहनों की ओर रुझान रहा।
फ्लीट ऑपरेटर्स के खरीद फैसले तेज
रिपोर्ट में कहा गया है कि जीएसटी दरों के युक्तिकरण के बाद अफोर्डेबिलिटी में सुधार से फ्लीट संचालकों को अपने खरीद निर्णयों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिला है।
निर्माण उपकरण और ट्रैक्टर बिक्री में सुधार
निर्माण उपकरणों की बिक्री में सुधार देखा गया, हालांकि पिछले वर्ष उत्सर्जन मानकों में बदलाव से पहले की गई भारी खरीद के कारण ऊंचे आधार पर ग्रोथ अपेक्षाकृत धीमी रही। वहीं, सरकारी सब्सिडी और सहायक नीतियों के चलते ट्रैक्टरों की बिक्री में निरंतर बढ़ोतरी दर्ज की गई।
ग्रामीण आय में मजबूती से मांग को सहारा
रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में खरीफ की अच्छी फसल और रबी की बेहतर बुआई से किसानों की आय और नकदी प्रवाह मजबूत हुआ है। इसके परिणामस्वरूप शुरुआती स्तर के वाहनों और ट्रैक्टरों की मांग में वृद्धि हुई है।

