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गृह मंत्री ने जवानों की बहादुरी की सराहना की, ऑपरेशन को नक्सल विरोधी लड़ाई में ‘स्वर्णिम अध्याय’ बताया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले सीआरपीएफ, छत्तीसगढ़ पुलिस, डीआरजी और कोबरा कर्मियों को सम्मानित किया।
छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर कुर्रागुट्टालु पहाड़ियों पर चलाए गए इस बड़े नक्सल-विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों ने 31 कुख्यात नक्सलियों का सफाया कर दिया। यह नक्सल-विरोधी अभियान इस साल 21 अप्रैल से 11 मई तक चला।  इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।
श्री शाह ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान जवानों की बहादुरी और पराक्रम को नक्सल विरोधी अभियानों के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक सभी नक्सली आत्मसमर्पण नहीं कर देते, पकड़े नहीं जाते या उनका सफाया नहीं कर देते और देश नक्सल मुक्त नहीं हो जाता।
गृह मंत्री ने कहा कि गर्मी, ऊंचाई और हर कदम पर आईईडी के खतरे के बावजूद, सुरक्षा बलों ने बुलंद हौसलों के साथ ऑपरेशन को सफल बनाया और नक्सलियों के बेस कैंप को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि कर्रेगुट्टालू पहाड़ी पर बने नक्सलियों के सामग्री भंडार और सप्लाई चेन को छत्तीसगढ़ पुलिस, सीआरपीएफ, जिला रिजर्व गार्ड और कोबरा के जवानों ने बहादुरी से नष्ट कर दिया।
श्री शाह ने कहा कि नक्सलियों ने देश के सबसे कम विकसित इलाकों को भारी नुकसान पहुँचाया है, स्कूल, अस्पताल बंद कर दिए हैं और सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुँचने से रोक दिया है। उन्होंने कहा कि नक्सल विरोधी अभियानों के कारण पशुपतिनाथ से तिरुपति तक के क्षेत्र के 6.5 करोड़ लोगों के जीवन में एक नया सूर्योदय हुआ है। श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार उन सुरक्षा बलों के जीवन को सुगम बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, जिन्हें नक्सल विरोधी अभियानों में गंभीर शारीरिक चोटें आई हैं।