महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश से 20 लाख 12 हज़ार एकड़ क्षेत्र में लगी फसलों को नुकसान
मुंबई। महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने बुधवार को बताया कि राज्य में पिछले चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से 20 लाख 12 हज़ार एकड़ क्षेत्र में लगी फसलों को नुकसान पहुँचा है। राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों में तत्काल नुकसान का पंचनामा करने का निर्देश दिया है।
कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने बुधवार को वासिम में पत्रकारों को बताया कि राज्य में इस समय भारी बारिश कहर बरपा रही है। इस बारिश ने कई इलाकों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदियाँ और नहरें उफान पर हैं। बाँधों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। इससे राज्य में 19 जिलों में 20 लाख 12 हज़ार 775 एकड़ में सोयाबीन, मक्का, कपास, उड़द, अरहर, मूंग और अन्य फसलों को नुकसान पहुँचा है। राज्य में नांदेड़ जिले में सबसे ज़्यादा 7 लाख 13 हज़ार 857 एकड़ और वाशिम जिले में 4 लाख 11 हज़ार 392 एकड़ ज़मीन बर्बाद हुई है। हालाँकि, क्षेत्रफल को देखते हुए, सबसे ज़्यादा नुकसान वाशिम जिले में हुआ है, भरणे ने बताया। उन्होंने कहा कि इस नुकसान का आकलन किया जा रहा है और रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद किसानों को सहायता प्रदान की जाएगी। भरणे ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ है।
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य में अगस्त में हुई भारी बारिश का खरीफ सीजन पर बड़ा असर पड़ा है। राज्य के 19 जिलों के 187 तहसीलों और 654 राजस्व मंडलों में भारी बारिश हुई है, जिससे कृषि फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कृषि विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, 805110 हेक्टेयर यानी 2012775 एकड़ क्षेत्र में लगी फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनमें से 11 जिले ऐसे हैं जहाँ 10,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि नांदेड़ जिले में 285543 हेक्टेयर ,वाशिम में 164557 हेक्टेयर ,यवतमाल में 80969 हेक्टेयर ,बुलढाणा में 74405 हेक्टेयर ,अकोला में 43703 हेक्टेयर , सोलापुर में 41472 हेक्टेयर और हिंगोली जिले में 40000 हेक्टेयर में फसल की क्षति हुई है। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रशासन क्षतिग्रस्त खेतों में जाकर मुआयना कर रहा है और रिपोर्ट आने के बाद नुकसान की भरपाई की जाएगी।

