मानसून में ‘हाथ मिलाना’ मानो आंखों का रोग लेना- ठाणे नेत्र सिविल सर्जन देशमुख
मुम्बई । मानसून के मौसम में सर्दी, बुखार और खांसी आम हैं, लेकिन इस साल एक अलग और आँखों को परेशान करने वाला संक्रमण सिर उठा रहा है – यानी वायरल नेत्र संक्रमण। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, ‘एंटेरो’ और ‘एडेनोवायरस’, दो वायरसों के कारण नागरिकों को बड़े पैमाने पर आँखों की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
ठाणे जिला सिबिल नेत्र सर्जन डॉ प्रसन्न कुमार देशमुख का कहना है कि एंटेरो और एडेनो’ वायरस सीधे हाथों से फैलते हैं। यानी अगर आप किसी संक्रमित व्यक्ति से ‘हाथ मिलाते’ हैं या ऐसे व्यक्ति का रूमाल, तौलिया, मोबाइल, दरवाज़े का हैंडल या अन्य वस्तुएँ छूते हैं और फिर अपनी आँखों को छूते हैं, तो वायरस आसानी से आपकी आँखों तक पहुँच जाता है। इससे संक्रमण तेज़ी से फैलता है। इस श्रृंखला को तोड़ने के लिए, अपने हाथों को साफ़ रखना, रूमाल साझा न करना और अपनी आँखों को बार-बार न छूना बेहद ज़रूरी होता जा रहा है।
बिना हाथ धोए आँखों को छूना, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी, एक ही घर में एक ही तौलिया इस्तेमाल करना और आँखों को बार-बार रगड़ना इस संक्रमण के मुख्य कारण हैं। बारिश में नमी बढ़ने से वायरस आँखों की श्लेष्मा झिल्ली पर आसानी से हमला करता है। इसलिए, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए इसका खतरा ज़्यादा होता है।
अगर आँखों में खुजली या लालिमा हो, तो इसे नज़रअंदाज़ किए बिना तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है। गलत घरेलू नुस्खों से आँखों की स्थिति और बिगड़ सकती है। कुछ लोग इंटरनेट पर पढ़कर आँखों में हल्दी, बर्फ़ और पानी के स्प्रे का इस्तेमाल करते पाए गए हैं – लेकिन ये नुस्खे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकते हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ की सलाह के बिना किसी भी दवा, ड्रॉप या एंटीबायोटिक का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
पर्यावरणविद डॉ प्रशांत सिनकर का मानना है कि मानसून में आंखों में संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं।इसके लिए भी पर्यावरण का दूषित होना भी है ।घर में अशुद्ध हवा या साफ सफाई नहीं होने से सूक्ष्म जीव पनपते हैं। फलस्वरूप एक ही घर के कई सदस्य इससे पीड़ित हो सकते हैं। इसलिए, संक्रमण से बचाव के लिए सभी को व्यक्तिगत स्वच्छता की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए। सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल, हाथ धोने की आदत और अपना सामान दूसरों के साथ साझा न करना ज़रूरी सावधानियां हैं।
लोगों को ज़्यादा सतर्क रहने की ज़रूरत है क्योंकि ‘हाथ मिलाने’ जैसी साधारण क्रिया भी ‘एडेनो’ और एंटरोवायरस वायरस के लिए रास्ता बन रही है। मानसून के दौरान आँखों से शुरू होने वाले संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए सफ़ाई, जागरूकता और तुरंत इलाज ही एकमात्र उपाय हैं। किसी विशेषज्ञ से सलाह लेने के बाद ही इलाज करवाना चाहिए।

