बॉम्बे हाई कोर्ट को मिले दो नए न्यायाधीश, केंद्र सरकार ने दी नियुक्ति को मंजूरी
केंद्र सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट में दो नए अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। विधि एवं न्याय मंत्रालय ने शुक्रवार को गौतम अश्विन अंखड और महेंद्र माधवराव नेरलीकर को हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की। यह नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 224(1) के तहत की गई है और यह दो वर्षों की अवधि के लिए प्रभावी होगी, जो उनकी पदभार ग्रहण करने की तारीख से लागू होगी।
न्यायमूर्ति गौतम अश्विन अंखड
अंखड की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर की गई है, जिसे सितंबर 2024 में बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के प्रस्ताव के बाद मंजूरी दी गई थी।
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उन्हें कॉलेजियम के सभी परामर्शदाता न्यायाधीशों का सर्वसम्मति से समर्थन प्राप्त हुआ।
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उनकी औसत वार्षिक शुद्ध पेशेवर आय ₹226.55 लाख रही है, जो उनके मजबूत कानूनी अभ्यास को दर्शाती है।
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उन्होंने अब तक 56 रिपोर्टेड मामलों में बहस की है।
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वाणिज्यिक कानून, अनुबंध विवाद और मध्यस्थता में विशेषज्ञता रखते हैं।
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न्याय विभाग की रिपोर्ट में उनकी निजी ईमानदारी और पेशेवर प्रतिष्ठा की पुष्टि की गई है।
कॉलेजियम ने माना कि गौतम अंखड उच्च न्यायालय में न्यायाधीश की भूमिका के लिए पूरी तरह से योग्य और सक्षम हैं।
न्यायमूर्ति महेंद्र माधवराव नेरलीकर
नेरलीकर को भी कॉलेजियम से पर्याप्त समर्थन मिला, जिनमें से तीन न्यायाधीशों ने उनके पक्ष में अनुकूल राय दी।
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उनके पास 20 वर्षों से अधिक का कानूनी अनुभव है।
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उन्होंने सिविल, आपराधिक, संवैधानिक, श्रम और सेवा कानूनों में व्यापक रूप से काम किया है।
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2013 से 2023 तक महाराष्ट्र सरकार में सहायक सरकारी वकील और औरंगाबाद बेंच में अतिरिक्त सरकारी वकील के रूप में कार्य किया।
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नवंबर 2023 से वे उसी पद पर कार्यरत हैं।
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नेरलीकर अनुसूचित जाति से आते हैं, जिससे उनकी नियुक्ति न्यायपालिका में सामाजिक समावेश और विविधता की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
कॉलेजियम ने उन्हें भी न्यायिक पद के लिए उपयुक्त और योग्य माना है।
इन दोनों नियुक्तियों से बॉम्बे हाई कोर्ट की न्यायिक कार्यक्षमता को बल मिलेगा और यह न्यायपालिका में अनुभव, विविधता और विशेषज्ञता के संतुलन को और मज़बूत करेगा।

