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भारत टैक्सी पर 8.27 लाख सारथी पंजीकृत, सहकारी मॉडल से ड्राइवरों को सशक्त करने पर जोर

सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (एसटीसीएल) द्वारा सहकारिता के नेतृत्व में संचालित देश के पहले राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी’ का शुभारंभ हो गया है। इसका उद्देश्य निजी ऐप-आधारित टैक्सी एग्रीगेटरों को प्रतिस्थापित करना नहीं, बल्कि सहकारी मॉडल पर चालक-केंद्रित और जन-केंद्रित वैकल्पिक मोबिलिटी प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है। प्लेटफॉर्म पर 28 जुलाई 2026 तक कुल 8.27 लाख सारथी (चालक) पंजीकृत हो चुके हैं। यह जानकारी केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

चालक और उपभोक्ता दोनों के हित पर जोर

भारत टैक्सी का उद्देश्य विश्वसनीय, किफायती और पारदर्शी मोबिलिटी सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ रोजगार को बढ़ावा देना और सारथियों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। सहकारी मॉडल के तहत चालक प्लेटफॉर्म से सदस्य और हितधारक के रूप में जुड़े हैं, जिससे उनके आर्थिक और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।

सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड करती है संचालन

भारत टैक्सी का संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (एसटीसीएल) द्वारा किया जाता है। यह बहुराज्य सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत बहुराज्य सहकारी समिति है और इसका पंजीकृत मुख्यालय नई दिल्ली में है। समिति के शासन और प्रबंधन में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), मुख्य प्रचालन अधिकारी (सीओओ), विभागों के प्रमुख, क्षेत्रीय कार्यालय और नगर-स्तरीय प्रचालनात्मक दल शामिल हैं।

आठ प्रमुख राष्ट्रीय सहकारी संस्थानों का समर्थन

भारत टैक्सी को आठ प्रमुख राष्ट्रीय सहकारी संस्थानों—एनसीडीसी, इफको, अमूल (जीसीएमएमएफ), कृभको, नेफेड, नाबार्ड, एनडीडीबी और एनसीईएल—का संस्थागत समर्थन प्राप्त है। ये संस्थान आउटरीच और सदस्यता जुड़ाव के साथ सहकारी मॉडल को आगे बढ़ाने में सहयोग करते हैं।

दिल्ली-एनसीआर में सबसे अधिक सारथी

28 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में कैब, ऑटो और बाइक मिलाकर 2,61,045 सारथी पंजीकृत हैं। गुजरात में यह संख्या 1,04,163, महाराष्ट्र में 84,332, उत्तर प्रदेश में 21,621, राजस्थान में 20,599 और चंडीगढ़ में 10,695 है।

कैब, ऑटो और बाइक चालकों का पंजीकरण

दिल्ली-एनसीआर में 1,35,554 कैब, 37,850 ऑटो और 87,641 बाइक चालक पंजीकृत हैं। गुजरात में 32,192 कैब, 49,764 ऑटो और 22,207 बाइक चालक हैं। उत्तर प्रदेश में 7,687 कैब, 6,181 ऑटो और 7,753 बाइक चालक पंजीकृत हैं। महाराष्ट्र में 53,139 कैब, 23,329 ऑटो और 7,864 बाइक चालक, जबकि राजस्थान में 7,749 कैब, 5,265 ऑटो और 7,585 बाइक चालक पंजीकृत हैं।

सरकार ने नहीं दी वित्तीय या इक्विटी सहायता

सरकार की ओर से भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म की स्थापना या विस्तार के लिए कोई वित्तीय सहायता, इक्विटी सहायता या प्रोत्साहन प्रदान नहीं किया गया है। प्लेटफॉर्म सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा सहकारी संरचना के तहत संचालित किया जा रहा है।

अन्य शहरों और राज्यों में चरणबद्ध विस्तार

अन्य शहरों और राज्यों में भारत टैक्सी का विस्तार परिचालन संबंधी जरूरतों और आवश्यक अनुमोदनों के अधीन किया जा रहा है। विस्तार के लिए परिचालन तत्परता, सारथियों की उपलब्धता, सांविधिक आवश्यकताओं की पूर्ति और संबंधित राज्य सरकारों, सहकारी संस्थानों तथा अन्य हितधारकों के साथ समन्वय जैसे कारकों को ध्यान में रखा जाता है।

एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों से कनेक्टिविटी की योजना

विस्तार की रणनीति में हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो सिस्टम और अन्य सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं के साथ साझेदारी भी शामिल है। जहां संभव होगा, संबंधित प्राधिकरणों के साथ उचित व्यवस्था के जरिए यात्रियों को अंतिम छोर तक निर्बाध कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।

एसओएस और यात्रा साझा करने जैसी सुरक्षा सुविधाएं

यात्रियों की सुरक्षा के लिए वाहनों में बैठने से पहले सारथियों और वाहनों का सत्यापन, यात्रा रिकॉर्ड का रखरखाव और जरूरत पड़ने पर संबंधित प्राधिकरणों के साथ समन्वय किया जाता है। प्लेटफॉर्म पर एसओएस सुविधा उपलब्ध है और यात्री अपने परिजनों या अन्य विश्वसनीय संपर्कों के साथ यात्रा का विवरण साझा कर सकते हैं।

पुलिस विभागों के साथ भी संस्थागत समन्वय

यात्रियों की सुरक्षा मजबूत करने और आपात स्थिति में समन्वय को सुगम बनाने के लिए विभिन्न राज्यों में पुलिस विभागों के साथ संस्थागत व्यवस्थाएं भी स्थापित की जा रही हैं। ग्राहक डेटा को डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के प्रावधानों के अनुरूप एन्क्रिप्टेड रूप में संग्रहित किया जाता है।

पारदर्शी व्यवस्था के आधार पर किराया निर्धारण

भारत टैक्सी में किराया निर्धारण संबंधित राज्य परिवहन प्राधिकरणों, सारथियों के प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों के विचारों को ध्यान में रखकर विकसित पारदर्शी व्यवस्था पर आधारित है। किराए में संशोधन करते समय परिचालन लागत, स्थानीय परिवहन परिस्थितियों और हितधारकों के परामर्श को ध्यान में रखा जाता है। इससे किराया निर्धारण प्रक्रिया में सारथियों का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है।

शिकायतों के समाधान के लिए तंत्र

यात्रियों और सारथियों दोनों की शिकायतों को प्राप्त करने और उनका समाधान करने के लिए कॉल सेंटर, कस्टमर सपोर्ट टीम और शिकायत निवारण टीम के माध्यम से संरचित शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया गया है। निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत शिकायतों के समाधान की व्यवस्था की गई है।