आरएसएस का प्राथमिक एवं प्रारंभिक प्रशिक्षण वर्ग संपन्न, 123 स्वयंसेवकों ने लिया भाग
हरिद्वार, 28 जून – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा आयोजित सात दिवसीय प्राथमिक एवं तीन दिवसीय प्रारंभिक प्रशिक्षण वर्ग का सफल समापन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सेक्टर 2, बीएचईएल, हरिद्वार में हुआ। समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संघचालक डॉ. यतींद्र नागयान, विभाग कार्यवाह लोकेंद्र जी एवं खंड कार्यवाह संजीव कुमार ने की।
इस प्रशिक्षण वर्ग में 123 स्वयंसेवकों ने बौद्धिक और शारीरिक गतिविधियों के माध्यम से व्यक्ति निर्माण, राष्ट्र सेवा तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की प्रेरणा प्राप्त की। वर्ग के दौरान विभिन्न विषयों पर वक्ताओं द्वारा संवाद, चर्चा और उदाहरणों के माध्यम से राष्ट्र, संस्कृति और संघ के कार्यों की जानकारी दी गई।
समापन समारोह में विभाग कार्यवाह लोकेंद्र ने संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन से प्रेरणादायक प्रसंग साझा किए। उन्होंने बताया कि बाल्यावस्था से ही हेडगेवार जी के मन में देशभक्ति की भावना थी। ब्रिटिश शासन के प्रतीकों का विरोध कर उन्होंने राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया।
डॉ. यतींद्र नागयान ने अपने उद्बोधन में कहा कि “स्वयंसेवक का आचरण राष्ट्र के स्वरूप को दर्शाता है।” उन्होंने संजीवनी विद्या के प्रसंग के माध्यम से यह समझाया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। राष्ट्र निर्माण के लिए हर स्वयंसेवक को जीवन भर समर्पित रहना चाहिए।
इस अवसर पर संघ के अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें जिला प्रचारक जगदीप, सह जिला कार्यवाह भूपेंद्र सिंह एवं संजय कश्यप, नगर संघचालक वकील शर्मा, जिला व्यवस्था प्रमुख मुनेश चौहान, जिला प्रचार प्रमुख देवेश वशिष्ठ, खंड कार्यवाह आदित्य, अंकुर, नगर कार्यवाह इंजीनियर संजीव, खंड बौद्धिक शिक्षण प्रमुख जितेंद्र, शिवचरण, सुरेश, कौशिंद्र, एवं सौरभ कुमार सक्सेना प्रमुख रूप से शामिल रहे।
कार्यक्रम ने उपस्थित स्वयंसेवकों को संगठन, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के प्रति नई ऊर्जा एवं संकल्प प्रदान किया।

