हर गांव में लगेगा स्वचालित मौसम स्टेशन: महाराष्ट्र सरकार ने WINDS परियोजना के तहत बड़ा फैसला लिया
कृषकों को मिलेगा सटीक मौसम पूर्वानुमान, आपदा प्रबंधन में भी मदद
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के प्रत्येक गांव में स्वचालित मौसम स्टेशन (AWS) स्थापित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह पहल केंद्र सरकार की WINDS (Weather Information Network Data Systems) परियोजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर सटीक मौसम डेटा एकत्र करना और किसानों सहित नागरिकों को मौसम-आधारित सलाह प्रदान करना है।
AWS लगाने की मुख्य वजहें:
- अब तक केवल राजस्व मंडल स्तर पर ही AWS स्थापित थे, जो स्थानीय गांवों के मौसम की सटीक जानकारी नहीं दे पाते थे।
- गांव स्तर पर मौसम डेटा उपलब्ध होने से कृषकों को समय पर मार्गदर्शन मिल सकेगा।
- प्राकृतिक आपदाओं — जैसे चक्रवात, सूखा, बाढ़, भूकंप, ओलावृष्टि आदि — से निपटने में मदद मिलेगी।
AWS क्या करेगा?
AWS इकाइयाँ मौसम के प्रमुख मापदंड जैसे:
- तापमान
- वर्षा
- आर्द्रता
- हवा की गति और दिशा
को रोजाना रिकॉर्ड करेंगी और हर घंटे का सारांश WINDS पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। यह डेटा AI और एनालिटिक्स के ज़रिये प्रसंस्कृत कर किसानों और नागरिकों के लिए उपयोगी बनाया जाएगा।
परियोजना के कार्यान्वयन की रूपरेखा:
- AWS की स्थापना एक महीने में पूरी करनी होगी कार्य आदेश मिलने के बाद।
- स्थानीय ग्राम पंचायत कर्मचारी को WINDS लोकल गार्जियन (WLG) के रूप में नियुक्त किया जाएगा जो देखरेख करेगा।
- उपकरणों की मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी WIP (WINDS Implementation Partners) की होगी।
- प्रत्येक 2–3 राजस्व मंडलों के लिए एक WIP नियुक्त किया जाएगा।
- तकनीकी विनिर्देश WINDS मैनुअल, 2023 के अनुसार तय होंगे।
परियोजना के साझेदार (WIPs):
- अजिस्ता इंडस्ट्रीज – अहमदाबाद
- नेशनल कमोडिटीज मैनेजमेंट सर्विसेज – हैदराबाद
- इनजेन टेक्नोलॉजीज – कानपुर
- स्काईमेट वेदर सर्विसेज – नोएडा
- ओबेल सिस्टम्स – सिकंदराबाद
इनका चयन वित्तीय बोली प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।
वित्तीय प्रावधान:
- परियोजना की लागत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के FIAT फंड से वहन की जाएगी।
- डेटा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार QAP (Quality Assurance Partner) नियुक्त करेगी।
डेटा संग्रह और उपयोग:
- डेटा रोजाना सुबह 8:30 से अगले दिन सुबह 8:30 तक रिकॉर्ड किया जाएगा।
- हर घंटे का सारांश WINDS पोर्टल पर अपलोड होगा।
अधिकार और निर्देश:
- कृषि आयुक्त को अनुबंध, कार्यान्वयन, SOP, नियम और शर्तें तय करने का अधिकार दिया गया है।
- परियोजना को भविष्य में केंद्र के निर्देशानुसार नवीनीकृत किया जा सकता है।
यह परियोजना न केवल कृषि क्षेत्र में क्रांति लाएगी बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने, आपदा प्रबंधन और डिजिटल मौसम सेवा नेटवर्क के विकास की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।

