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भारत ने पवित्र पिपराहवा अवशेषों की नीलामी रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई की

संस्कृति मंत्रालय ने कहा है कि उसने सोथबी हांगकांग द्वारा पवित्र पिपरहवा अवशेषों की नीलामी को रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई की है। 1898 में पिपरहवा स्तूप से खोदे गए अवशेषों का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है, क्योंकि माना जाता है कि वे भगवान बुद्ध से जुड़े हैं। मंत्रालय ने सोथबी को एक कानूनी नोटिस जारी किया, जिसने जवाब देते हुए मामले पर पूरा ध्यान देने का आश्वासन दिया।

केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी ब्रिटेन के संस्कृति सचिव के समक्ष इस मुद्दे को उठाया और नीलामी को रोकने तथा इसे वापस लाने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया। संस्कृति मंत्रालय ने आगे आश्वासन दिया है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा अवशेषों को भारत वापस लाने के लिए दूतावासों तथा अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।