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भारत का अपना AI मॉडल बनाने की दिशा में कई कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई

भारत अब AI मॉडल बनाने की रेस में शामिल हो गया है। सरकार ने फाउंडेशन AI मॉडल विकसित करने के लिए पिछले महीने प्रस्ताव मांगे थे, और अब तक उसे 67 प्रस्ताव मिल चुके हैं। इस दिशा में भारत ने 10,370 करोड़ रुपये के इंडियाएआई मिशन की शुरुआत की है। इन प्रस्तावों में से 20 लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) के विकास से संबंधित हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय इन प्रस्तावों पर विचार करने के लिए एक कमेटी बनाने की योजना बना रहा है।

इन कंपनियों ने LLMs के लिए प्रस्ताव दिए हैं:

67 में से 20 प्रस्ताव LLM से जुड़े हुए हैं, जबकि बाकी छोटे सेक्टर-स्पेसिफिक स्मॉल लैंग्वेज मॉडल्स (SML) के लिए हैं। LLM के प्रस्ताव देने वाली कंपनियों में ओला, Sarvam AI, और CoRover.ai जैसी कंपनियां शामिल हैं। माना जा रहा है कि अगले एक महीने में मंत्रालय की कमेटी इन प्रस्तावों पर चर्चा करेगी, जिसमें बाहरी विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा।

भारत का पहला AI मॉडल इस साल लॉन्च हो सकता है:

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जनवरी में कहा था कि भारत भी OpenAI के ChatGPT और चीन के DeepSeek की तर्ज पर अपना जनरेटिव AI मॉडल लॉन्च करेगा। भारत में छह से आठ बड़े डेवलपर्स ऐसे हैं जो अगले 6-8 महीनों में AI मॉडल बना सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत का फाउंडेशन AI मॉडल भाषाई और सांस्कृतिक विविधताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा, ताकि इसमें कोई बायस न हो।

AI मॉडल की रेस तेज हो रही है:

OpenAI ने 2023 के अंत में ChatGPT लॉन्च किया था, जिसके बाद AI मॉडल के विकास की होड़ तेज हो गई। OpenAI अब अकेला नहीं है, बल्कि दूसरी कंपनियां भी इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रही हैं। हाल ही में चीनी स्टार्टअप DeepSeek ने कम लागत में अपना AI मॉडल लॉन्च कर अमेरिकी कंपनियों को कड़ी टक्कर दी है।