FEATUREDNational

ममता बनर्जी और अखिलेश यादव को व्यापारियों की चिट्ठी, 1 नवंबर की रैली टालने की अपील

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर। दीपावली के त्योहारी सीजन के दौरान 1 नवंबर को रामलीला मैदान में विपक्षी गठबंधन की प्रस्तावित रैली को लेकर दिल्ली के व्यापारियों ने कड़ा ऐतराज जताया है। किराना कमेटी दिल्ली ने तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव दोनों को पत्र लिखकर रैली को 10 नवंबर तक टालने की अपील की है।

गुरुवार को

कमेटी के प्रधान गंगा बिशन गुप्ता की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि धनतेरस से दीपावली तक करीब 25,000 करोड़ रुपये का व्यापार होता है। कई छोटे व्यापारियों की पूरे साल की कमाई इन्हीं कुछ दिनों पर टिकी होती है। व्यापारी नवरात्रि के दौरान ही प्रदर्शनों और जाम के कारण करीब 3,000 करोड़ का नुकसान झेल चुके हैं। अगर दीपावली की पीक शॉपिंग के दौरान फिर से बड़ी रैली हुई तो 10,000 करोड़ तक का और नुकसान हो सकता है।

व्यापारियों ने अखिलेश यादव को लिखे पत्र में कहा है कि उन्होंने राहुल गांधी को पहले ही पत्र लिखा था लेकिन कांग्रेस 1 नवंबर को ही रैली करने पर अड़ी है। ऐसा लग रहा है कि राजनीतिक हितों के लिए लाखों व्यापारियों और मजदूरों की आजीविका को नजरअंदाज किया जा रहा है।

व्यापारियों का कहना है कि रामलीला मैदान के 5 किलोमीटर के दायरे में चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, चावड़ी बाजार, भागीरथ पैलेस जैसे करीब 20 बड़े थोक-खुदरा बाजार हैं। रैली के कारण ट्रैफिक बंद, सड़क बंदी और भीड़ से ग्राहकों की आवाजाही और माल की सप्लाई ठप हो जाएगी। पुरानी दिल्ली और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पास होने से हालात और बिगड़ेंगे।

पत्र में कहा गया है कि त्योहारी सीजन में व्यापारी हजारों अस्थायी कर्मचारियों को रखते हैं, उनकी नौकरी भी खतरे में पड़ जाएगी। राजनीतिक कार्यक्रम की तारीख बदली जा सकती है लेकिन दीपावली पर गया व्यापार वापस नहीं आएगा।

इसलिए दोनों नेताओं से अपील की गई है कि कांग्रेस नेतृत्व को समझाकर रैली को दीपावली 10 नवंबर के बाद आयोजित कराया जाए।