विश्व बैंक समूह ने पहली डिजिटल रणनीति का शुभारंभ किया, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कनेक्टिविटी और रोजगार सृजन पर केंद्रित है।
विश्व बैंक समूह ने अपनी पहली व्यापक डिजिटल रणनीति शुरू की है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, किफायती इंटरनेट पहुंच और रोजगार सृजन को विकास एजेंडा के केंद्र में रखा गया है। यह रणनीति विकासशील देशों में अगले 10 से 15 वर्षों में 12 लाख युवाओं के कार्यबल में शामिल होने की तैयारी को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है।
आज सियोल में घोषित इस रणनीति में संस्था के सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की क्षमताओं को एक साथ लाया गया है ताकि विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने, प्रौद्योगिकी तक पहुंच में सुधार करने और रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिल सके।
विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष अजय बंगा ने कहा कि यह पहल प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर केंद्रित होगी, विशेष रूप से किफायती कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों पर जो उत्पादकता और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार कर सकते हैं। रणनीति डिजिटल प्रौद्योगिकी को बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन और विनिर्माण में उत्पादकता बढ़ाने और रोजगार विस्तार के साधन के रूप में पहचानती है। विश्व बैंक ने कहा कि 2025 में वैश्विक स्तर पर दो अरब से अधिक लोग ऑफलाइन रहेंगे।

