संवैधानिक संस्थाओं पर विपक्ष के हमले लोकतंत्र के लिए चिंताजनक : शेखावत
जोधपुर, 13 अक्टूबर। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि संविधान की आत्मा संवैधानिक संस्थाओं के स्थायित्व, उनकी निष्पक्षता और उनके निर्विवाद बने रहने में निहित है। पिछले कुछ वर्षों में विशेषकर वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में पराजय के बाद, विपक्षी दलों ने जिस तरह संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने और उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया है, वह देश के लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
जोधपुर एयरपोर्ट पर मंगलवार को मीडिया से बातचीत में शेखावत ने कहा कि न्यायपालिका, निर्वाचन आयोग या सरकार के कामकाज से जुड़ी संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाने की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करती है। देश में अनेक दशकों तक शासन करने वाली कांग्रेस पार्टी और उसके नेतृत्व को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना गतिविधियां दीर्घकाल में देश और लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं।
शेखावत ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्षी दलों का रवैया चयनात्मक है। उन्होंने कहा कि पंजाब, तमिलनाडु जैसे राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया और चुनावी परिणामों को लेकर विपक्ष उसी तरह सवाल नहीं उठाता, जिस तरह पश्चिम बंगाल में चुनावी परिणामों के बाद उठाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस को चुनाव में सफलता मिलती है, वहां वह चुनावी प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाती, लेकिन जहां उसे हार का सामना करना पड़ता है, वहां निर्वाचन प्रक्रिया पर संदेह जताने लगती है। शेखावत ने कहा कि लोकतंत्र में चुनावी परिणामों को राजनीतिक सुविधा के अनुसार स्वीकार करना या उन पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना से संबंधित मारपीट और हत्या के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए शेखावत ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि यह जांच का विषय है। अतर सिंह भड़ाना पुराने विधायक और वरिष्ठ नेता रहे हैं। उनके साथ उनके व्यक्तिगत संबंध भी रहे हैं। शेखावत ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ इस तरह की अराजकता और हिंसा होना गंभीर विषय है। दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
आगामी पंचायत चुनावों को लेकर शेखावत ने भारतीय जनता पार्टी की जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह नगर निकायों में भाजपा को सफलता मिली है, उसी तरह पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में भी पार्टी को प्रचंड बहुमत मिलने की उम्मीद है।

