प्रधानमंत्री मोदी ने सुभाषितम् में विशिष्ट मनुष्य के गुण गिनाए
नई दिल्ली, 05 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज प्रातः हमेशा की तरह एक्स पर एक सुंदर श्लोक सुभाषितम् के रूप में साझा किया। उन्होंने इसके माध्यम से मनुष्य के सात गुण गिनाए। वह श्लोक है, ”शुचित्वं त्यागिता शौर्यं सामान्यं सुखदुःखयोः। दाक्षिण्यं चानुरक्तिश्च सत्यता च सुहृद्गुणाः॥” यह श्लोक प्रसिद्ध संस्कृत ग्रंथ हितोपदेश से लिया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी की पोस्ट में इस श्लोक का अर्थ लिखा गया, ”हृदय की निर्मलता, त्याग भावना, शूरता, सुख और दुःख में समान भाव, चतुराई, अनुराग और सच्चाई- ये केवल सामान्य मित्र के गुण नहीं, बल्कि एक उदार हृदय एवं विशिष्ट व्यक्तित्व वाले मनुष्य की पहचान हैं।”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह संदेश कई मायनों में महत्वपूर्ण है। यह हम सब जानते हैं कि मनुष्य इस संसार का सबसे श्रेष्ठ प्राणी है। उसकी श्रेष्ठता विचार, विवेक और आचरण तय होती है। जैसा मस्तिष्क मनुष्य के पास है, अन्य किसी प्राणी के पास नहीं है। इस दृष्टि से उसकी विचार प्रक्रिया विलक्षण है। इस दृष्टि से वह विशिष्ट है।

