केंद्र सरकार ने NEET-UG की पुनर्परीक्षा से पहले अफवाहों और फर्जी परीक्षा पत्र लीक के दावों पर रोक लगाने के लिए प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को शामिल किया है।
21 मई । केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कल मेटा, गूगल और टेलीग्राम सहित प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की, जिसमें उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित गलत सूचनाओं के बढ़ते प्रसार पर गंभीर चिंता व्यक्त की, विशेष रूप से टेलीग्राम चैनलों और गुमनाम ऑनलाइन समूहों के माध्यम से।
21 जून को होने वाली NEET (UG) 2026 की पुनर्परीक्षा से पहले यह बैठक महत्वपूर्ण थी।
अधिकारियों ने बताया कि प्रमुख परीक्षाओं से पहले कई ऐसे चैनल बेहद सक्रिय हो जाते हैं, जो फर्जी पेपर लीक के दावे, सनसनीखेज सामग्री और अपुष्ट जानकारी फैलाते हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों में दहशत, चिंता और भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। यह भी बताया गया कि ऐसे कई लिंक उपयोगकर्ताओं को स्वचालित बॉट्स और फर्जी समूहों की ओर निर्देशित करते हैं, जिनका उद्देश्य गलत सूचना को बढ़ावा देना है।
एक अन्य बैठक में, शिक्षा मंत्री ने आगामी NEET-UG पुनर्परीक्षा के सुरक्षित, निष्पक्ष और सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए कड़ी सतर्कता और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया।
श्री प्रधान ने यह बात कल नई दिल्ली में केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
बैठक के दौरान, गुमनाम ऑनलाइन समूहों के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित गलत सूचनाओं के बढ़ते प्रसार पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
इस मुद्दे का संज्ञान लेते हुए, श्री प्रधान ने फर्जी सूचना फैलाने वाले चैनलों की सक्रिय पहचान, अवरोधन और उन्हें बंद करने सहित ऐसे नेटवर्कों पर लक्षित कार्रवाई का निर्देश दिया।
मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को शिक्षा मंत्रालय, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम करना चाहिए ताकि गलत सूचनाओं पर तेजी से अंकुश लगाया जा सके और परीक्षा प्रणाली की अखंडता की रक्षा की जा सके।

