राजनाथ सिंह ने कृषि आधुनिकीकरण का आह्वान किया, कहा कि स्थानीय किसानों से सेना की खरीद एक ‘महत्वपूर्ण कदम’ है।
11 अप्रैल। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि सेना छावनियों के आसपास के क्षेत्रों में किसानों से अनाज, फल और सब्जियों की खरीद एक “महत्वपूर्ण कदम” के रूप में उभर रही है, जिससे सैनिकों और किसान समुदाय दोनों को लाभ हो रहा है।
रायसेन जिले में ‘उन्नत कृषि महोत्सव’ को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, “छावनी क्षेत्रों में जहां सेना की इकाइयां तैनात हैं, वहां आसपास के किसानों से अनाज, फल और सब्जियां खरीदी जा रही हैं। इससे हमारे सैनिकों को शुद्ध और ताजा उपज मिलती है, साथ ही किसानों को प्रोत्साहन मिलता है और वे आगे बढ़ते हैं, खासकर जैविक खेती में। यह एक महत्वपूर्ण कदम है।”
उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करती है बल्कि रक्षा प्रतिष्ठानों के पास के किसानों को सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराकर टिकाऊ खेती को भी बढ़ावा देती है।
व्यक्तिगत संदर्भ देते हुए सिंह ने कहा कि वे इस कार्यक्रम में केवल आधिकारिक तौर पर ही नहीं, बल्कि एक किसान के रूप में भी शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा, “मैं आज यहां केवल रक्षा मंत्री के रूप में ही नहीं, बल्कि एक किसान के रूप में भी आया हूं। मैंने चाहे जो भी पद संभाला हो, मेरे भीतर का किसान हमेशा सर्वोपरि रहा है।”
उन्होंने कहा कि यद्यपि हाल के वर्षों में कृषि क्षेत्र में कई बदलाव हुए हैं और किसानों को इसका लाभ मिल रहा है, फिर भी “बहुत कुछ किया जाना बाकी है।” रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कृषि को विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे क्षेत्रों के समान ही प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
तेजी से बदलाव का आह्वान करते हुए सिंह ने कहा कि भारत के कृषि क्षेत्र को प्रौद्योगिकी आधारित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनना होगा।
उन्होंने कहा, “भारतीय कृषि का भविष्य नवाचार और प्रौद्योगिकी में निहित है। किसानों को उपज और लाभप्रदता दोनों में सुधार के लिए ड्रोन, सटीक खेती और वैज्ञानिक तकनीकों जैसी आधुनिक पद्धतियों को अपनाना होगा।”
किसान कल्याणकारी उपायों पर प्रकाश डालते हुए सिंह ने कहा कि सरकार ने हाल के वर्षों में कई ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, “किसान सम्मान निधि और फसल बीमा जैसी योजनाएं किसानों की गरिमा और मेहनत को मान्यता देते हुए प्रदान की जा रही हैं।” उन्होंने आगे कहा कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण से यह सुनिश्चित हुआ है कि किसानों को बिचौलियों के हस्तक्षेप के बिना पूरी राशि प्राप्त हो।
किसानों को “राष्ट्र की रीढ़” बताते हुए, सिंह ने उनकी समृद्धि को देश के विकास से जोड़ा और विशेष रूप से रायसेन, विदिशा और सीहोर जैसे क्षेत्रों में जल संरक्षण और कुशल सिंचाई जैसी टिकाऊ प्रथाओं पर जोर दिया।
उन्होंने आगे कहा कि कृषि महोत्सव जैसे मंच वैज्ञानिकों और किसानों के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का काम करते हैं, जिससे जमीनी स्तर पर आधुनिक प्रौद्योगिकियों को अपनाने में तेजी आती है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री मोहन यादव और कई अन्य प्रमुख नेता इस कार्यक्रम में उपस्थित थे, जिसमें आधुनिक कृषि मशीनरी, कृषि स्टार्टअप और उन्नत कृषि प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया गया और इसमें देश भर से भागीदारी हुई।

