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इंडिया एआई समिट में यूके मंत्री ने भारत के साथ गहरे तकनीकी सहयोग पर दिया जोर

19 फरवरी । नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026’ के दौरान यूनाइटेड किंगडम के एआई और ऑनलाइन सेफ्टी मंत्री कनिष्क नारायण ने भारत के साथ तकनीकी सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के साझा मूल्य और विकास लक्ष्यों के आधार पर मजबूत साझेदारी बनाई जा सकती है।

समिट के मौके पर बातचीत में उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन काफी प्रभावशाली रहा है और एआई के भविष्य को दिशा देने में अहम भूमिका निभा रहा है। उनके अनुसार, ऐसे वैश्विक मंच देशों को मिलकर काम करने और जिम्मेदार एआई विकास की दिशा तय करने का अवसर देते हैं।

कनिष्क नारायण ने कहा कि डिजिटल क्षेत्र में भारत और यूके के रिश्ते आपसी समझ और समान रणनीतिक सोच पर आधारित हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देश एआई के नियमन और जिम्मेदार उपयोग को लेकर समान दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत और यूके के एआई विकास का रास्ता काफी हद तक समान है, जिससे दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं और मजबूत होती हैं।

भारत के साथ साझेदारी को लेकर उत्साह जताते हुए उन्होंने कहा, “हमारे पास साथ मिलकर करने के लिए बहुत कुछ है।” उनके इस बयान को भारत-यूके के बीच एआई क्षेत्र में बढ़ते सहयोग के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 में दुनियाभर के नीति-निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ, शिक्षाविद और तकनीकी नवप्रवर्तक शामिल हुए हैं। यह सम्मेलन एआई के सुरक्षित, जिम्मेदार और मानव केंद्रित उपयोग पर वैश्विक चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया है।

ग्लोबल साउथ में आयोजित यह पहला वैश्विक एआई सम्मेलन है, जिसका उद्देश्य ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ और ‘एआई फॉर ह्यूमैनिटी’ की सोच के साथ तकनीकी विकास को आगे बढ़ाना है।

कुल मिलाकर, यूके मंत्री का बयान दिखाता है कि एआई क्षेत्र में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां तेजी से बढ़ रही हैं।