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नेपाल में राष्ट्रपति चुनाव के लिए 12 साल पुरानी जनगणना के आधार पर तय होगा वोट शेयर

काठमांडू, 28 फ़रवरी। नेपाल में राष्ट्रपति चुनाव के लिए 12 साल पुरानी जनगणना के आधार पर वोट शेयर तय किया गया है। वर्ष 2021 की जनगणना रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होने के कारण नेपाल के चुनाव आयोग ने पुरानी जनगणना के आधार पर वोट शेयर तय किया है।

चुनाव आयोग के प्रवक्ता शालिग्राम शर्मा पौडेल ने बताया कि चूंकि नई जनगणना की रिपोर्ट आधिकारिक रूप से जारी नहीं हुई है, इसलिए कानून के मुताबिक राष्ट्रपति चुनाव में वोट शेयर पुरानी जनगणना के हिसाब से तय किया गया है। पौडेल के अनुसार ऊपरी और निचले सदनों के लिए प्रति सांसद वोटों की संख्या 79 और प्रांतीय सांसदों के लिए 48 है।

नेपाल के राष्ट्रीय सांख्यिकी विभाग ने पहले ही जनगणना की तैयारी कर ली है। प्रधानमंत्री एवं सीपीएन (एमसी) के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ अभी तक रिपोर्ट को समझ नहीं पाए हैं। इसलिए सांसदों का वोट शेयर वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर तय किया गया है।

अगर नई जनगणना रिपोर्ट सार्वजनिक की गई होती तो वोट शेयर कुछ और होता। चुनाव आयोग के प्रवक्ता पौडेल ने कहा, मतदान प्रतिशत बढ़ेगा लेकिन कोई खास अंतर नहीं है। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर, नेपाली कांग्रेस के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामचंद्र पौडेल को सीपीएन (यूएमएल) उम्मीदवार सुभाष चंद्र नेमवांग से 10,000 अधिक वोट मिलेंगे।

पौडेल को नेपाली कांग्रेस, सीपीएन (एमसी) समेत आठ पार्टियों का समर्थन प्राप्त है। उनकी अपनी पार्टी के अलावा किसी ने भी यूएमएल के नेमवांग को समर्थन देने की घोषणा नहीं की है।

नेपाल में 09 मार्च को राष्ट्रपति चुनाव होंगे। रामचंद्र पौडेल और सुभाष चंद्र नेमवांग राष्ट्रपति चुनाव में केवल दो उम्मीदवार हैं।