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सीबीआई ने उन्नाव बलात्कार मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा दी गई जमानत को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया है।

27 दिसंबर । केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उन्नाव बलात्कार मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा निलंबित करने और जमानत देने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया है। सीबीआई ने कल उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की। इससे पहले, उच्च न्यायालय ने पूर्व विधायक की सजा को आजीवन कारावास के खिलाफ अपील लंबित रहने के दौरान निलंबित करने का आदेश दिया था और उन्हें सशर्त जमानत भी दी थी।

सेंगर को 2019 में सीबीआई की विशेष अदालत ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव बलात्कार मामले में दोषी ठहराया था और आजीवन कारावास के साथ 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। उन्होंने जनवरी 2020 में दिल्ली उच्च न्यायालय में अपनी सजा के खिलाफ अपील दायर की थी और बाद में मार्च 2022 में सजा को निलंबित करने की याचिका दायर की थी।

सीबीआई ने उच्च न्यायालय के आदेश की समीक्षा करने के बाद मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की। उन्नाव हत्याकांड की पीड़िता और उसके परिवार ने सेंगर को जमानत दिए जाने के उच्च न्यायालय के फैसले का कड़ा विरोध किया है। बलात्कार मामले में जमानत मिलने के बावजूद, पूर्व विधायक जेल में ही रहेंगे क्योंकि वे हत्या से संबंधित एक अन्य सीबीआई मामले में 10 साल की सजा भी काट रहे हैं।