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रोमानिया में 72 मिलियन साल पुराना डायनासोरों का विशाल जीवाश्म स्थल मिला

रोमानिया के ट्रांसिल्वेनिया क्षेत्र में वैज्ञानिकों ने डायनासोर से जुड़ी एक असाधारण खोज की है। यहां एक ही स्थान पर बड़ी संख्या में डायनासोर और अन्य जीवों की हड्डियां मिली हैं, जो लगभग एक-दूसरे के ऊपर जमा थीं। इस स्थल से सैकड़ों जीवाश्म अवशेष बरामद हुए हैं, जिससे लाखों साल पहले के जीवन और पर्यावरण के बारे में अहम जानकारी मिली है।

यह खोज हाटेग बेसिन के पश्चिमी हिस्से में हुई, जहां हंगरी और रोमानिया के वैज्ञानिक पिछले पांच वर्षों से खुदाई कर रहे हैं। जिन चट्टानों की जांच की गई, वे उस समय की हैं जब डायनासोर विलुप्त होने के करीब थे। इस इलाके से अब तक हजारों जीवाश्म मिले हैं, जिनमें मेंढक जैसे जीव, कछुए, मगरमच्छ, डायनासोर, उड़ने वाले सरीसृप और छोटे स्तनधारी शामिल हैं।

इन सभी स्थानों में से K2 नामक एक जगह सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण साबित हुई है। पांच वर्ग मीटर से भी कम क्षेत्र में वैज्ञानिकों को 800 से अधिक रीढ़ वाले जीवों के जीवाश्म मिले। प्रति वर्ग मीटर 100 से ज्यादा हड्डियां पाई गईं, जिनमें कई बड़े डायनासोर की हड्डियां एक-दूसरे के ऊपर रखी हुई थीं। इस खोज से जुड़ा पूरा अध्ययन वैज्ञानिक जर्नल PLOS ONE में प्रकाशित हुआ है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, K2 स्थल को पहली बार 2019 में शुरुआती सर्वे के दौरान पहचाना गया था। ग्रे रंग की तलछटी परतों के बीच गहरे रंग की, अच्छी तरह संरक्षित डायनासोर हड्डियां साफ नजर आ रही थीं। इसके बाद कई वर्षों तक चली खुदाई में बड़ी मात्रा में जीवाश्म सामने आए।

शोध से पता चला है कि करीब 72 मिलियन साल पहले यह क्षेत्र गर्म और आर्द्र था। यहां अस्थायी नदियां बहती थीं, जो भारी बारिश के दौरान बाढ़ का रूप ले लेती थीं। माना जाता है कि जानवरों के शव और हड्डियां बाढ़ के पानी के साथ बहकर एक छोटी झील में जमा हो गईं। पानी उतरने के बाद ये अवशेष झील के किनारे इकट्ठा होते चले गए, जिससे एक ही जगह पर इतनी बड़ी संख्या में हड्डियां मिलीं।

इस स्थल से केवल बिखरी हुई हड्डियां ही नहीं, बल्कि कई डायनासोर के अधूरे कंकाल भी मिले हैं, जिनमें से कुछ आपस में जुड़े हुए थे। इनमें दो प्रकार के शाकाहारी डायनासोर शामिल हैं। एक प्रजाति लगभग दो मीटर लंबी थी और माना जाता है कि वह Rhabdodontidae परिवार से जुड़ी थी, जो अधिकतर दो पैरों पर चलती थी।

दूसरी खोज और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसमें लंबे गर्दन वाले टाइटनोसॉर डायनासोर के अवशेष शामिल हैं। ट्रांसिल्वेनिया में इस तरह के डायनासोर का इतना अच्छी हालत में कंकाल पहले कभी नहीं मिला था। वैज्ञानिकों का मानना है कि इन हड्डियों के आगे के अध्ययन से यह समझने में मदद मिलेगी कि यह प्रजाति अन्य टाइटनोसॉर डायनासोर से कैसे जुड़ी थी।

शोधकर्ताओं का कहना है कि यह हाटेग बेसिन में अब तक मिला रीढ़ वाले जीवों का सबसे पुराना जीवाश्म समूह है। इससे यह जानने में मदद मिलेगी कि इस क्षेत्र में शुरुआती डायनासोर कैसे दिखते थे, वे समय के साथ कैसे विकसित हुए और उस दौर का पर्यावरण कैसा था।