Health/Food

सेहतमंद रहना है तो रोटी बनाने का तरीका बदलें

आज के समय में बाजार में मिलने वाली कई चीजों में मिलावट पाई जाती है। लंबे समय तक मिलावटी और गलत तरीके से तैयार किया गया भोजन शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकता है। भले ही किसी चीज़ को एक-दो बार खाने से नुकसान न हो, लेकिन लंबे समय तक गलत खानपान कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकता है।

कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि रोज़मर्रा के खानपान की कुछ आदतें भविष्य में स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती हैं। इन्हीं में से एक है हमारी रोज़ की रोटी और उसे बनाने का तरीका।

 क्या रोटी खाने से कैंसर होता है?

रोटी चाहे गेहूं, ज्वार, बाजरा या किसी भी अनाज की हो—खुद रोटी खाने से कैंसर होने का कोई पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। लेकिन रोटी को गलत तरीके से तैयार करना, जैसे बहुत ज्यादा जलाना या खराब आटे का लंबे समय तक सेवन करना, सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

यानी समस्या रोटी नहीं, बल्कि आटा चुनने और रोटी बनाने के तरीके से जुड़ी है।

 मैदा का ज्यादा सेवन क्यों है नुकसानदेह?

मैदा यानी रिफाइंड व्हीट फ्लोर को लेकर कई शोधों में यह बताया गया है कि इसका अत्यधिक और लंबे समय तक सेवन स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं माना जाता।

  • मैदा बनाने की प्रक्रिया में फाइबर और जरूरी मिनरल्स निकल जाते हैं

  • यह ब्लड शुगर तेजी से बढ़ा सकता है

  • लंबे समय तक अधिक मात्रा में सेवन करने से कुछ गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है

इसी वजह से हेल्थ एक्सपर्ट्स मैदा के बजाय साबुत अनाज को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं।

 बासी और फफूंद लगी रोटी से बचें

अगर रोटी में फफूंद लग गई हो या वह बहुत लंबे समय तक रखी हुई हो, तो उसका सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसी रोटी में हानिकारक टॉक्सिन बन सकते हैं, जो शरीर के लिए नुकसानदेह होते हैं।

 जली हुई रोटी क्यों हो सकती है खतरनाक?

जब रोटी बहुत ज्यादा जलकर काली हो जाती है, तो उसमें Acrylamide नामक हानिकारक तत्व बन सकता है। कुछ अध्ययनों के अनुसार, लंबे समय तक जले हुए खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं माना जाता।

 क्या खाएं जिससे शरीर रहे हेल्दी?

अगर आप सुरक्षित और सेहतमंद विकल्प चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

  • होल व्हीट (चोकर युक्त) गेहूं का आटा इस्तेमाल करें

  • ज्वार, बाजरा और रागी जैसे मोटे अनाज को डाइट में शामिल करें

  • रोटी को हल्की आंच पर ठीक से सेकें, ज्यादा न जलाएं

  • ताजा और साफ भोजन ही करें