सरकार ने लोकसभा को बताया कि ओटीटी कंटेंट सीबीएफसी के अधिकार क्षेत्र से बाहर रहेगा।
18 दिसंबर । सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने कहा है कि ओटीटी सामग्री केंद्रीय फिल्म प्रमाणीकरण बोर्ड (सीबीएफसी) के अधिकार क्षेत्र से बाहर रहेगी। लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में डॉ. मुरुगन ने कहा कि ओटीटी सामग्री सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के भाग III के प्रावधानों के तहत विनियमित है। उन्होंने कहा कि आचार संहिता के अनुसार ओटीटी प्लेटफॉर्म को कानून द्वारा प्रतिबंधित सामग्री प्रकाशित करने से बचना चाहिए और नियमों में दिए गए दिशानिर्देशों के अनुसार आयु-आधारित वर्गीकरण करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इन नियमों में सामग्री संबंधी मानदंडों के पालन को सुनिश्चित करने और जनता की शिकायतों के निवारण के लिए तीन स्तरीय संस्थागत तंत्र का भी उल्लेख किया गया है।
इनमें प्रकाशकों द्वारा स्वनियमन, प्रकाशकों के स्वनियमन निकायों द्वारा स्वनियमन और केंद्र सरकार द्वारा निगरानी तंत्र शामिल हैं। डॉ. मुरुगन ने बताया कि ओटीटी सामग्री से संबंधित शिकायतों को निवारण तंत्र के प्रथम स्तर (प्रकाशकों द्वारा स्वनियमन) के तहत उचित कार्रवाई के लिए संबंधित ओटीटी प्लेटफॉर्म को भेजा जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड, सिनेमाटोग्राफ अधिनियम, 1952 के तहत स्थापित एक वैधानिक प्राधिकरण है, जो सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए सिनेमाटोग्राफिक फिल्मों की जांच और प्रमाणन करता है।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में, डॉ. मुरुगन ने कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों सहित सभी उपयोगकर्ताओं के लिए एक खुला, सुरक्षित, विश्वसनीय और जवाबदेह इंटरनेट सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि सरकार भारत में इंटरनेट को किसी भी प्रकार की गैरकानूनी सामग्री या सूचना, विशेष रूप से अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री से मुक्त रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 ने मिलकर डिजिटल क्षेत्र में गैरकानूनी और हानिकारक सामग्री से निपटने के लिए एक सख्त ढांचा तैयार किया है। यह मध्यस्थों पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दायित्व डालता है। मंत्री ने बताया कि सरकार ने अब तक अश्लील सामग्री प्रदर्शित करने वाले 43 ओटीटी प्लेटफार्मों की सार्वजनिक पहुंच को भारत में बंद कर दिया है।

