भाषा विवाद पर बोले मुख्यमंत्री फडणवीस: सांसद निशिकांत दुबे की टिप्पणी अनुचित और भ्रम पैदा करने वाली
मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की भाषा विवाद को लेकर की गई टिप्पणी को “अनुचित और भ्रमित करने वाली” बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से गलतफहमी फैल सकती है, जो स्थिति को और तनावपूर्ण बना सकते हैं।
दुबे ने हाल ही में महाराष्ट्र में गैर-मराठी भाषी लोगों पर हुए कथित हमलों के संदर्भ में विवादित टिप्पणी करते हुए एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा था, “कुत्ता भी अपने घर में शेर होता है। तय करो कुत्ता कौन है और शेर कौन।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर हिम्मत है तो उर्दू बोलने वालों पर हमला करके दिखाएं।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा, “अगर आप निशिकांत दुबे का पूरा बयान सुनें, तो पाएंगे कि उन्होंने विशेष रूप से किसी संगठन पर निशाना साधा है, न कि सामान्य रूप से मराठी समाज पर। फिर भी, मेरी राय में इस तरह की भाषा का उपयोग करना अनुचित है, क्योंकि इससे लोगों के मन में भ्रम पैदा होता है।”
फडणवीस ने महाराष्ट्र और मराठी समुदाय के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा, “महाराष्ट्र देश की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा योगदान देने वाला राज्य है। हमारे इतिहास और वर्तमान में मराठी समाज की भूमिका को कोई भी नकार नहीं सकता। जो कोई भी ऐसा करता है, वह गलत है।”
उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और मराठा योद्धाओं के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा, “जब हमारी संस्कृति पर हमले हुए, तो मराठों ने पूरे देश के लिए संघर्ष किया। पानीपत की तीसरी लड़ाई में जब अब्दाली समझौते के लिए तैयार था, तब भी मराठों ने संघर्ष का रास्ता चुना। यह हमारी अस्मिता और बलिदान का प्रतीक है।”
फडणवीस ने यह भी दोहराया कि राज्य में सभी भाषाओं और समुदायों का सम्मान किया जाता है, लेकिन किसी भी तरह की उकसाने वाली भाषा या हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

