“सहकार से समृद्धि” के जरिए ग्रामीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है केंद्र सरकार: अमित शाह
ग्रामीण भारत में दो लाख पैक्स और 22 सेवा क्षेत्रों से जुड़ेंगी सहकारी समितियाँ
मुंबई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सहकार से समृद्धि” के सिद्धांत पर चलते हुए ग्रामीण भारत में व्यापक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुंबई के होटल फेयरमोंट में आयोजित ‘सहकार से समृद्धि’ राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य देश में दो लाख नई प्राथमिक कृषि ऋण समितियाँ (PACS) स्थापित करना है। इसके लिए प्रत्येक गांव की सहकारी समितियों की जानकारी का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया गया है।
शाह ने बताया कि ये PACS अब केवल कृषि कार्यों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि इन्हें 22 नई सेवा गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। इनमें जन औषधि केंद्र, गैस एजेंसी, पेट्रोल पंप, रेलवे टिकट बुकिंग, टैक्सी सेवाएं और अन्य सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ सहकारी संस्थाओं की आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
अमित शाह ने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया है, जो भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा, “जहां दुनिया के लिए सहकारिता एक आर्थिक मॉडल है, वहीं भारत के लिए यह संवेदनाओं और संस्कृति से जुड़ा जीवन दर्शन है। एक साथ आना, मिलकर सोचना और आगे बढ़ना—यही भारतीय सहकारिता की आत्मा है।”
उन्होंने महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक जैसे राज्यों की सराहना करते हुए कहा कि इन राज्यों ने सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। आने वाली सहकारी पहल “राष्ट्रीय टैक्सी योजना” के अंतर्गत टैक्सी चालक स्वयं अपने वाहन के मालिक होंगे और आमदनी सीधे उनके खातों में जमा की जाएगी।
शाह ने विश्वास जताया कि सहकारिता क्षेत्र भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनकर उभरेगा और यह नई सहकारी क्रांति की शुरुआत होगी।
इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल, कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री आशीष शेलार, कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, राज्य सहकारिता मंत्री पंकज भोईर, नाफेड चेयरमैन जेठाभाई अहीर, महाप्रबंधक अमित गोयल, प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

