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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सीआरपीएफ मार्च 2026 तक नक्सलवाद के उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज दोहराया कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो जाएगा और इस उद्देश्य में सीआरपीएफ के जवान सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
श्री शाह आज सीआरपीएफ के 86वें स्थापना दिवस के सिलसिले में मध्य प्रदेश के नीमच में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हमारे कोबरा बटालियन के जवान देश को नक्सल मुक्त बनाने में अभूतपूर्व कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपके अदम्य साहस के बल पर नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्ति का देश का संकल्प पूरा होगा।
देश के अमर शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए श्री शाह ने कहा कि जब देश का इतिहास लिखा जाएगा तो सबसे पहले सुरक्षा बलों के अमर शहीदों की शौर्यगाथा स्वर्ण अक्षरों में लिखी जाएगी।
उन्होंने सभी शहीद सीआरपीएफ जवानों के परिवारों की सराहना करते हुए कहा कि देश सशक्त और समृद्ध बन रहा है, इसमें आपके परिवार का योगदान अतुलनीय है। देश की सुरक्षा और स्वतंत्रता की जब भी गाथा लिखी जाएगी, उसमें आपके परिवार के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
देश की सुरक्षा में सीआरपीएफ की भूमिका का जिक्र करते हुए श्री शाह ने कहा कि चाहे कश्मीर की घाटियों में नापाक इरादों से अशांति फैलाने वाले आतंकवादियों से लड़ना हो या पूर्वोत्तर में शांति स्थापित करने के लिए तैनात होना हो, सभी ऑपरेशनों में सीआरपीएफ के जवानों ने बहुत बड़ा योगदान दिया है। अब तक 2264 जवान देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दे चुके हैं।
वीर जवानों के परिवारों के कल्याण के लिए सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने सीआरपीएफ के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हमने अपने वीर जवानों के उत्थान, उनके सम्मान और उनके परिवारों को अनेक सुविधाएं देने का काम किया है।
इस अवसर पर श्री शाह ने जवानों को वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया। उन्होंने शहीद स्थल पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और परेड का निरीक्षण भी किया। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भी शामिल हुए।