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संसद ने विमान वस्तुओं में हितों के संरक्षण विधेयक 2025 पारित किया

संसद ने विमान वस्तुओं में हितों की सुरक्षा विधेयक, 2025 पारित कर दिया है, जिसे कल लोकसभा ने मंजूरी दी थी। राज्यसभा पहले ही विधेयक पारित कर चुकी है। विधेयक विमान वस्तुओं में हितों की सुरक्षा प्रदान करना चाहता है। यह मोबाइल उपकरणों में अंतर्राष्ट्रीय हितों पर कन्वेंशन और विमान उपकरण से संबंधित मामलों पर मोबाइल उपकरणों में अंतर्राष्ट्रीय हितों पर कन्वेंशन के प्रोटोकॉल को लागू करने की भी मांग करता है, प्रत्येक पर 2001 में केप टाउन में हस्ताक्षर किए गए थे। कन्वेंशन और प्रोटोकॉल का उद्देश्य विमान, हेलीकॉप्टर और इंजन जैसी उच्च मूल्य वाली संपत्तियों के अधिकारों को सुरक्षित करने में एकरूपता लाना है। विधेयक केंद्र सरकार को कन्वेंशन और प्रोटोकॉल के प्रावधानों को लागू करने के लिए नियम बनाने का अधिकार देता है। विधेयक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय को कन्वेंशन के लिए रजिस्ट्री प्राधिकरण के रूप में नामित करता है

विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने कहा कि 2014 तक कुल हवाई यात्री यातायात केवल 10 करोड़ 40 लाख था, जो नरेंद्र मोदी सरकार के दौरान पिछले दस वर्षों में दोगुना हो गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में विमानन क्षेत्र 12 प्रतिशत की सीएजीआर के साथ बढ़ा है। उन्होंने कहा कि भारत पहले से ही केपटाउन कन्वेंशन का हस्ताक्षरकर्ता है जो 2001 में लागू हुआ था। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक विधेयक भारत के विमानन कानूनों को केपटाउन कन्वेंशन के तहत वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाता है, जिससे विमान वित्तपोषण और पट्टे पर देने की दक्षता बढ़ती है। श्री नायडू ने कहा कि यह कानून ईजिंग उद्योग को बढ़ावा देने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि विधेयक लाने के पीछे उद्देश्य हवाई किराए को उचित बनाना और विमान बेड़े को बढ़ाना है।