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सौर ऊर्जा के माध्यम से राज्य में सरकारी भवनों के विद्युतीकरण के संबंध में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अध्यक्षता

मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील और केंद्र सरकार की ‘पीएम सूर्याघर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार, 15 दिसंबर 2025 से पहले राज्यों में सभी सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा के माध्यम से विद्युतीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अनुसार, राज्य में सभी सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा के माध्यम से विद्युतीकृत करना आवश्यक है और यह सरकार के 100-दिवसीय कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके अनुसार, उपमुख्यमंत्री और वित्त और योजना मंत्री  अजीत पवार ने नि र्देश दिया है कि सभी सरकारी भवनों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सौर ऊर्जा के माध्यम से विद्युतीकृत किया जाना चाहिए। सौर ऊर्जा के माध्यम से राज्य में सरकारी भवनों के विद्युतीकरण के संबंध में उपमुख्यमंत्री श्री पवार की अध्यक्षता में उनके मंत्रालय के समिति कक्ष में एक बैठक हुई।

उपमुख्यमंत्री श्री. पवार ने कहा कि अब तक राज्य में 1157 सरकारी इमारतों पर सोलर रूफटॉप परियोजनाएं लागू की गई हैं। हालांकि, शेष 332 सरकारी इमारतों पर भी इन परियोजनाओं को तुरंत लागू किया जाना चाहिए। इसकी समीक्षा के लिए हर तीन महीने में एक बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने ऊर्जा विभाग को इमारत पर पैनल लगाने के दिन ही बिजली मीटर शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि इस योजना के तहत किए जा रहे काम बेहतर गुणवत्ता और मानक के होने चाहिए। इस अवसर पर जिला नियोजन विभाग के माध्यम से पुणे जिले में सरकारी इमारतों पर लागू की जा रही सौर परियोजनाओं की समीक्षा की गई। उपमुख्यमंत्री और पुणे जिले के पालकमंत्री श्री. पवार ने जिला नियोजन समिति के माध्यम से लंबित परियोजनाओं के लिए तत्काल निधि उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में नियोजन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा विकास आयुक्त डॉ. राजगोपाल देवड़ा, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ओमप्रकाश गुप्ता, ऊर्जा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा ऊर्जा महानिदेशक श्रीमती आभा शुक्ला, ऊर्जा महानिदेशक के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. त्रिगुण कुलकर्णी, पुणे के जिलाधीश जीतेंद्र डूडी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणाली के माध्यम से) तथा ऊर्जा और वित्त विभाग के सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।