सिंधुदुर्ग घटना: अजित गुट का ठाणे में प्रदर्शन, एकनाथ शिंदे ने जोड़े हाथ, बोले- 100 बार झुक कर माफी मांगता हूं
Shivaji Statue Collapse : राजकोट किले की घटना पर भिवंडी शहर एनसीपी (अजित गुट) के जिलाध्यक्ष प्रवीण पाटील के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने उपविभागीय अधिकारी कार्यालय में ज्ञापन दिया। घटना के दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। इधर ठाणे में आनंद परांजपे ने समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया।
ठाणे: सिंधुदुर्ग के राजकोट किले में हुई घटना को लेकर लेकर ठाणे शहर एनसीपी (अजित गुट) ने तालाब पाली स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के सामने मुंह पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। ठाणे जिला अध्यक्ष आनंद परांजपे के मार्गदर्शन में हुए प्रदर्शन के दौरान घटना के लिए जिम्मेदार आर्किटेक्ट, सलाहकार, ठेकेदार, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और गृह राज्य मंत्री देवेंद्र फडणवीस से की गई। वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि वह सौ बार झुकर माफी मांगते हैं।
परांजपे ने कहा कि घटना को लेकर उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने सार्वजनिक रूप से राज्य की जनता से माफी मांगी है और हम भी माफ़ी मांगते हैं। कार्रवाई शब्दों से नहीं, बल्कि असल में होनी चाहिए और प्रतिमा को जल्द से जल्द दोबारा लगाई जानी चाहिए।
अजित गुट बोला- राजनीतिक विषय नहीं
अजित गुट के नेता ने आगे कहा कि शिवाजी महाराज का विषय राजनीतिक नहीं हो सकता, यह महाराष्ट्र के गौरव और पहचान का विषय है, इसलिए महायुति सहित विपक्ष के नेताओं ने अनुरोध है कि कोई ऐसा बयान न दें, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हों। राजनीति करने के बजाय दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
एकनाथ शिंदे की अपील
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि उनकी विनती करते हैं कि छत्रपति शिवाजी महाराज के इस विषय को लेकर राजनीति नहीं करें, क्योंकि छत्रपति शिवाजी महाराज हमारे भगवान हैं। उनके पैर पर 10 बार नहीं, 100 बार झुक कर माफ़ी मांगूंगा। सीएम शिंदे ने आगे कहा कि वहां की हवाओं, वातावरण और समग्र स्थिति की समीक्षा के बाद महाराज की एक नई मजबूत प्रतिमा लगाई जाएगी। अजित पवार ने माफ़ी भी मांगी है।
जल्द लगेगी नई प्रतिमा
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि कल रात एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में सिंधुदुर्ग में हुई मूर्ति घटना को लेकर चर्चा हुई। बैठक में सरकार के मंत्रियों के साथ-साथ नौसेना और पुलिस के अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक के बाद एक समिति का गठन किया गया है और इस समिति में नौसेना अधिकारी, विशेषज्ञ आर्किटेक्ट और अन्य विषयों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कमिटी जल्द से जल्द काम शुरू कर देगी। महाराज की प्रतिमा के ढहने के कारणों का पता लगाने के लिए इंजिनियर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के विशेषज्ञों और नौसेना अधिकारियों की एक तकनीकी समिति गठित की है।

