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अबू आजमी, आशीष शेलार और मिहिर कोटेचा ने उठाए सवाल, अब मुंबई में बहुमंजिला झोपड़ों की होगी जांच

मुंबई में नेताओं ने अनधिकृत बहुमंजिला झोपड़ियों के निर्माण पर चिंता व्यक्त की और अधिकारियों की सतर्कता पर सवाल उठाए है। मामले की जांच के लिए आईएएस अधिकारी को नियुक्त किया गया है। वह जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट पेश करेंगे, जिसके बाद बीएमसी नियमों का उल्लंघन करने वाली इन झोपड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

मुंबई : मुंबई महानगर के कई इलाकों में अनधिकृत रूप से तीन, चार और पांच मंजिला झोपड़े बनाए गए हैं। ये झोपड़े बेहद खतरनाक स्थिति में हैं। बीएमसी के नियम के अनुसार 14 फीट से ज्यादा ऊंचे झोपड़े नहीं बनाए जा सकते। इसीलिए अब इन झोपड़ों की जांच बीएमसी के एक आईएएस अधिकारी से कराई जाएगी, जो कि अगले सत्र में रिपोर्ट पेश करेगा। सोमवार को विधानसभा में मुंबई में गैरकानूनी झोपड़े और दुकानों को लेकर चर्चा हुई। समाजवादी पार्टी के अबू आजमी ने मानखुर्द में गैरकानूनी झोपड़ों और दुकानों का मामला उठाया। मिहिर कोटेचा, योगेश सागर, राम कदम, आशीष शेलार सहित कई सदस्यों ने मुंबई शहर में गैरकानूनी निर्माण कार्यों पर सवाल किए।

नेताओं ने कहा कि पुलिस और बीएमसी जब इतनी सजग हैं, तो शहर में कई मंजिला झोपड़े कैसे बन जाते हैं? इसकी जांच होनी चाहिए और विस्तृत रिपोर्ट सदन में रखनी चाहिए। इसके लिए एक आईएएस अधिकारी को नियुक्त करना चाहिए।

‘झोपड़ों के निर्माण पर लगे रोक’
सदस्यों के सवालों का जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री उदय सावंत ने कहा कि इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि महानगर में बड़ी संख्या में गैरकानूनी रूप से झोपड़े बनाए जाते हैं। इन बहुमंजिला झोपड़ों के निर्माण पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने सदन में ऐलान किया कि मुंबई महानगर में इतनी ऊंचे झोपड़े किन इलाकों में बनाए गए हैं, इसकी विस्तृत जांच पड़ताल वह बीएमसी के एक आईएएस अधिकारी से कराएंगे और अगले सत्र में वह इसकी रिपोर्ट पेश करेगा। उसके बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा।

गौरतलब है कि मुंबई में अवैध झोपड़ों में कई बार बड़े हादसे हो जाते हैं, जिसके बाद कुछ दिनों के लिए बीएमसी की ओर से कार्रवाई की जाती है, फिर स्थिति जस की तस हो जाती है। झोपड़ों के पुनर्वसन के लिए बनाई गई स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (एसआरए) से भी 27 सालों में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं हो पाया है।