विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नेपाल को 72 स्वास्थ्य सुविधाएं और 12 विरासत परियोजनाएं सौंपीं।
07 जून ।विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में अपने नेपाली समकक्ष शिशिर खनाल से मुलाकात के बाद, 2015 के भूकंप के बाद पुनर्निर्माण कार्यक्रम के तहत नेपाल को 72 स्वास्थ्य सुविधाएं और 12 सांस्कृतिक विरासत परियोजनाएं वर्चुअल माध्यम से सौंपीं। दोनों नेताओं ने सीमा पार व्यक्तिगत धन हस्तांतरण को सुगम बनाने के लिए भारत के यूपीआई (एकीकृत भुगतान इंटरफेस) और नेपाल के राष्ट्रीय भुगतान इंटरफेस के बीच संपर्क स्थापित करने की संयुक्त रूप से शुरुआत की।
दोनों नेताओं ने डिजिटल इंडिया भाषिनी और काठमांडू विश्वविद्यालय के बीच नेपाल के लिए ‘वॉयस फर्स्ट’ भाषा अनुवाद मंच हेतु राष्ट्रीय डिजिटल अवसंरचना के सह-निर्माण के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के आदान-प्रदान को भी देखा। डॉ. जयशंकर ने दोनों देशों के लोगों की पारस्परिक प्रगति, समृद्धि और कल्याण के लिए नेपाल के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
श्री खनाल के साथ बैठक के दौरान अपने प्रारंभिक संबोधन में विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और नेपाल अपनी लंबी और अनूठी खुली सीमा पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए घनिष्ठ सहयोग करते हैं और दोनों देश हमेशा संकट के समय एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं। डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच एक विशेष संबंध है, जो जीवंत जन-संबंधों, सीमा पार संपर्क और साझा सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं की मजबूत नींव पर बना है। उन्होंने नेपाल सरकार की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। विदेश मंत्री ने कहा कि नेपाल सरकार द्वारा निर्धारित उद्देश्यों और भारत द्वारा पड़ोसी देशों में की गई पहलों में मजबूत पूरकता है। उन्होंने कहा कि व्यापार, वाणिज्य, निवेश, ऊर्जा, विकास सहयोग, शिक्षा, आपदा राहत और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंध लगातार विकसित हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि आज दोनों पक्षों के पास स्टार्टअप, एआई, सूचना प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा आदि जैसे कई अन्य क्षेत्रों में भी इसे आगे बढ़ाने का अवसर है।
डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि विकास सहयोग, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, विशेषकर जलविद्युत विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण, डिजिटल, संस्कृति और खेल सहित इस अनूठी साझेदारी पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने दोनों देशों के लोगों की पारस्परिक प्रगति, समृद्धि और कल्याण के लिए नेपाल के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।
अपने प्रारंभिक संबोधन में श्री खनाल ने कहा कि भारत नेपाल का सबसे महत्वपूर्ण साझेदार है और नेपाल ने भारत को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि नेपाल और भारत केवल दो देश नहीं बल्कि एक गौरवशाली प्राचीन सभ्यता के हितधारक हैं। नेपाल के विदेश मंत्री ने पश्चिम एशियाई संकट के बीच ईंधन और उर्वरक आपूर्ति के लिए भारत का आभार व्यक्त किया।
श्री खनाल तीन दिवसीय भारत यात्रा पर हैं।

