‘चार सौ पार’ नारे से हुआ नुकसान, महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने बताया लोकसभा चुनाव में बुरे रिजल्ट का कारण
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि हालिया लोकसभा चुनाव में ‘400 पार’ के नारे के बाद लोगों के मन में संविधान बदलने और आरक्षण खत्म करने जैसी आशंका उत्पन्न हो गई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एनडीए के घटक दलों के साथ मिलकर 400 से अधिक सीट जीतने का लक्ष्य रखा था।
मुंबई : केंद्र की एनडीए सरकार में मंत्री पद बांटे जा चुके हैं, लेकिन अब तक लोकसभा चुनावों में इस गठबंधन की सीटें कम आने की चर्चा जारी है। मंगलवार को सीएम एकनाथ शिंदे ने अबकी बार 400 पार के नारे से नुकसान की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा, ‘इस नारे को लेकर विपक्ष ने ऐसा माहौल तैयार कर दिया कि अगर मोदी सरकार 400 पार चली गई, तो वह संविधान बदल देगी। लोगों ने इसे दिमाग में रखा और सब गड़बड़ हो गई। यही हमारी महायुति के लिए भारी पड़ा।’ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लोकसभा चुनाव में कम आई सीटों पर खुलकर बोला। शिंदे ने खेती और किसानों के मसले पर कहा कि सरकार ने बांस की खेती के लिए सब्सिडी देने का फैसला किया। एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में फसलों के न्यूनतम आधार मूल्य निर्धारित करने के लिए केंद्रीय कृषि मूल्य एवं मूल्य आयोग की बैठक हुई। उन्होंने स्वीकार किया कि मराठवाडा और विदर्भ में सोयाबीन व कपास के किसानों को थोड़ी परेशानी हुई है।
‘कहानी बनाई गई’
पीएम मोदी की तारीफ करते हुए शिंदे ने कहा कि उन्होंने पिछले 10 सालों से बिना छुट्टी लिए काम किया है। ‘लेकिन क्या हुआ? जो कहानी बनाई गई, उससे हमें कुछ जगहों पर नुकसान हुआ। महाराष्ट्र में भी हमें नुकसान हुआ। संविधान बदल जाएगा, आरक्षण खत्म हो जाएगा… ये चर्चाएं थीं… ऐसा कुछ नहीं होना था। लेकिन ‘400 पार’ की संख्या ने सारी समस्याएं पैदा कर दीं,’ उन्होंने कहा।

