कोस्टल इलाकों में रहेगी खास नजर, ट्रैफिक पुलिस भी सतर्क, जानें मुंबई मॉनसून को लेकर क्या तैयारियां
मॉनसून ने महाराष्ट्र में दस्तक दे दी है। क्षेत्रीय मौसम विभाग ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी 3 से 4 दिन में मुंबई में भी मॉनसून पहुंच जाएगा। पिछले साल 24 जून को काफी देर से मॉनसून मुंबई पहुंचा था। इस बार सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान लगाया गया है।
मुंबई: आसमान में उमड़ने वाले बादलों ने मॉनसून के आने के संकेत दे दिए हैं। बुधवार की सुबह महानगर में हुई बारिश के बाद मुंबई पुलिस ने अन्य एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाना शुरू कर दिया है। मुंबई में तेज बारिश और मॉनसूनी आपदाओं से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से तमाम ऐहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। इस मॉनसून में बीएमसी प्रशासन के साथ ही कोस्टल इलाकों में प्रशासन की खास नज़र बनी रहेगी, मुंबई पुलिस व ट्रैफिक पुलिस भी सतर्क हो गई है।
करीब 30 हजार पुलिस बल होते हैं तैनात
मॉनसून के दौरान मूसलाधार बरसात में मुंबई के कई निचले इलाके बुरी तरह जलमग्न हो जाते हैं। भारी वर्षा के कारण जलभराव, यातायात में व्यवधान और कभी-कभी निचले हिस्से में बाढ़ जैसी स्थितियां पैदा हो जाती हैं। इसे देखते हुए मुंबई पुलिस चाक चौबंद इंतजाम करने में जुट गई है। सभी 99 पुलिस स्टेशनों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। मुंबई में 30 हजार से अधिक पुलिस बल को सक्रिय किया जाता है, जबकि ट्रैफिक पुलिस के 41 डिविजन भी यातायात व्यवस्था को संभालने में जुट जाते हैं। मॉनसून के दौरान मुंबई पुलिस द्वारा अधिकतर पुलिसकर्मियों की छुट्टियां तक कैंसिल कर दी जाती हैं, जबकि जल जमाव और निचले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिए जाते हैं। मॉनसून को देखते हुए सागरी सुरक्षा व्यवस्था को भी चाक चौबंद करने की कवायद शुरू है। वॉच टॉवर बनाए जा रहे हैं, जबकि स्थानीय लोगों की भी हर संभव मदद ली जा रही है।
तटीय इलाकों के लोगों को प्रशिक्षण, बनाए गए पुलिस मित्र
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोराई, मालवणी और बोरीवली पुलिस की टीम समुद्र किनारों के पास की बस्तियों में रहनेवाले स्थानीय लोगों को विशेष प्रशिक्षण दे रही है। प्रशिक्षण पाने वालों में अधिकतर मछुआरे हैं। चूंकि, मछुआरों को समुद्र के बारे में अच्छी जानकारी होती है। इसलिए हाई टाइड के दौरान अथवा मॉनसून के दौरान खतरा होने पर समुद्र किनारे रहनेवाले मछुआरे, लाइफ गार्ड्स, नाविकों और अच्छे तैराकों की मदद से पुलिस आपातकालीन परिस्थितियों में आसानी से राहत व बचाव कार्य शुरू कर जान-माल की रक्षा करने में सफल होती है।
बता दें कि वर्सोवा जेट्टी, यारी रोड कोलीवाडा, जुहू कोलीवाडा, माहिम कोलीवाडा, अक्सा बीच, दाना पानी और गोराई जैसे समुद्र से सटे कई कोलीवाडों और मछुआरों की बस्तियों में प्रशासन की ओर से प्रशिक्षण सत्र चलाए जा रहे हैं, लोगों को पुलिस मित्र बनाया जा रहा है।
थाना इंचार्ज को खास निर्देश
मॉनसून के दौरान इस बार भी मुंबई पुलिस की ओर से तीसरी आंख के रूप में समुद्र किनारे रहने वाले स्थानीय लोगों की मदद ले रही है। इन्हें पुलिस मित्र नाम दिया गया है। सूत्र बताते हैं कि अब तक 240 से अधिक लोगों को पुलिस मित्र बनाया गया है। इन्हें अस्थायी पहचान पत्र भी दिए गए हैं। इसके अलावा, एनजीओ, समाजसेवी संस्थाओं, एनएसएस और लाइफ गार्ड्स की भी मदद ली जाएगी। सभी पुलिस स्टेशनों के वरिष्ठ अधिकारियों को संबंधित इलाकों के फायर ब्रिगेड अधिकारियों, बीएमसी आपदा प्रबंधन समिति के इंचार्जों, निजी और सरकारी अस्पतालों और राहत शिविरों के लिए बड़े-बड़े सामुदायिक जगहों और स्थानीय लोगों के कॉन्टेक्ट नंबर के अलावा निजी रूप से इन स्थानों का दौरा कर जानकारी जुटाने को कहा गया है। इसका उद्देश्य आपदा की स्थिति में पैदा होने वाले हालातों से आसानी से निपटा जा सके और प्रशासन की ओर से पीड़ितों को हरसंभव मदद मिल सके।
सोशल मीडिया पर नजर
मॉनसून के दौरान सोशल मीडिया के जरिए भी पुलिस को आपदा में फंसे हुए लोगों की जानकारी प्राप्त होती है। इन लोगों को समय रहते मदद मिल जाए, इसके लिए सोशल मीडिया आईटी विंग को और अधिक मजबूत बनाया गया है। हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा।

