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शरद पवार-उद्धव ठाकरे की दोस्ती से कांग्रेस की लगी लॉटरी, BJP के लिए महाराष्ट्र में भी बढ़ सकता है संकट

महाराष्ट्र में लोकसभा चुनावों बड़ा उलटफेर सामने आया। महाराष्ट्र में बीजेपी सबसे ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़कर सिर्फ 9 सीटें जीत पाई है। तो वहीं दूसरी कांग्रेस कम सीटों पर लड़कर सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। महायुति सरकार में एकनाथ शिंदे अपनी पोजीशन मजबूत करने में सफल रहे हैं। ऐसे में राज्य में बीजेपी के शिंदे की अनदेखी करना अब मुश्किल होगा।

मुंबई: लोकसभा चुनावों में बीजेपी को यूपी के बाद महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। उत्तर प्रदेश के साथ महाराष्ट्र में पार्टी ने सबसे बड़ी पार्टी की हैसियत गंवा दी। यही वजह है कि पार्टी केंद्र में बहुमत को हासिल नहीं कर पाई। महाराष्ट्र में बीजेपी को 14 सीटों का नुकसान हुआ है। पार्टी सिर्फ 9 सीटों पर सिमट गई। शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दो फाड़ होने का सबसे बड़ा फायदा कांग्रेस को मिला कांग्रेस के सांसदों की संख्या 1 से बढ़ा 13 पर पहुंच गई। ऐसे में राज्य में सबसे ज्यादा लाभ कांग्रेस पार्टी को हुआ है। अगर महायुति की बात करें तो वहां पर एकनाथ शिंदे अपने पाेजीशन मजबूत कर ली है। बीजेपी को 9 सीटें मिली हैं तो वहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 7 सीटें मिली हैं। ऐसे में उनकी बार्गेनिंग बढ़ गई है, हालांकि अजित पवार की रुतबा घट गया है। वे बारामती सीट को नहीं जीत पाए। ऐसे में आने वाले दिनों उनके लिए संकट बढ़ सकता है।

कांग्रेस बनी सबसे बड़ी पार्टी
कांग्रेस पार्टी को 2014 के चुनावों में दो सीटों पर जीत मिली थी। 2019 में पार्टी सिर्फ चंद्रपुर सीट बचा पाई थी। पार्टी के सांसद की संख्या एक पर आ गई थी, लेकिन इस बार पार्टी महायुति में एक कदम पीछे हट गई थी। वह सिर्फ 17 सीटों पर लड़ी थी। कांग्रेस पार्टी ने 17 सीटों में 13 पर जीत हासिल की है। सांगली से निर्दलीय जीते विशाल पाटिल भी कांग्रेस के साथ आ सकते हैं। ऐसे में राज्य में कांग्रेस के कुल ताकत 14 सांसद की हो जाएगी। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी का शानदार प्रदर्शन किया है। इसने अपने पुराने विदर्भ गढ़ पर फिर से कब्ज़ा कर लिया। पार्टी ने दोनों एसटी सीटें जीत लीं। महाराष्ट्र विधानसभा में देखें तो 44 विधायकों के साथ वह चौथी सबसे बड़ी पार्टी है।

बीजेपी को बड़ा नुकसान
महाराष्ट्र में बीजेपी को बहुत नुकसान हुआ है। 2019 के चुनाव में इसकी 23 सीटों की संख्या घटकर 9 हो गई है। प्याज बेल्ट में बीजेपी और उसके गठबंधन सहयोगी धुले, डिंडोरी, नासिक, शिरडी, शिरूर और अहमदनगर निर्वाचन क्षेत्रों में सभी सीटें हार गए। प्याज निर्यात पर प्रतिबंध को लेकर इस क्षेत्र में प्याज किसानों का गुस्सा साफ झलक रहा था। तो वहीं शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी एसपी का स्ट्राइक रेट सभी पार्टियों में सबसे ज्यादा 80 फीसदी है। नई पार्टी ने 10 सीटों में से 8 सीटें जीती हैं।

मुंबई में MVA मजबूत हुआ
मुंबई की छह सीटों में से विपक्षी महा विकास अघाड़ी ने चार सीटें जीतीं, जबकि भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने मुंबई में एक-एक सीट जीती। मुंबई नॉर्थ वेस्ट से उद्धव के नेतृत्व वाली शिवसेना के उम्मीदवार अमोल कीर्तिकर 48 वोटों से चुनाव हार गए। उद्धव अपने गढ़ मुंबई को बरकरार रखने में सफल रहे, जबकि एकनाथ शिंदे ने भी अपने गृह नगर ठाणे को बरकरार रखा। उनके बेटे डॉ. श्रीकांत शिंदे भी कल्याण से शिवसेना (यूबीटी) वैशाली दरेकर के खिलाफ जीते।