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समुद्र के अंदर मछलियां देखने का एहसास, जानें कैसा होगा मुंबई में बनने वाला पहला अंडरग्राउंड एक्वेरियम

मुंबई को एक गुंबद के आकार का अंडरग्राउंड वॉक-थ्रू एक्वेरियम मिलने वाला है। एक्वेरियम को गोल आकार का बनाया जाएगा। इसमें मछलियों की कई प्रजातियां रखी जाएंगी। लोगों को ऐसा महसूस होगा कि वह समुद्र के अंदर मछलियां देख रहे हैं। यह एक्वेरियम पहली बार 2020 में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार द्वारा प्रस्तावित किया गया था।
मुंबई: महानगर में पहला अंडरग्राउंड एक्वेरियम भायखला के रानीबाग में बनेगा। बीएमसी ने पिछले दिनों इसके लिए टेंडर जारी किया था। इसके लिए दो कंपनियों ने रुचि दिखाई है। बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद टेंडर ओपन किया जाएगा। बीएमसी ने मुंबई में अंडरग्राउंड एक्वेरियम के निर्माण पर 60 करोड़ रूपये खर्च करने की योजना बनाई है। रानीबाग के निदेशक डॉ. संजय त्रिपाठी ने बताया कि इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है। वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद एक साल के अंदर एक्वेरियम को बनाने का लक्ष्य रखा गया है। रानीबाग में आने वाले पर्यटक खासकर छोटे बच्चे पेंग्विन के साथ ही विश्व स्तरीय एक्वेरियम भी देख सकेंगे। डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि एक्वेरियम में देशी-विदेशी मिलाकर कुल 50 प्रजातियों की फिश रहेगी।

सत्ता परिवर्तन होते ही एक्वेरियम की जगह बदली
पहले यह एक्वेरियम वर्ली में बनने वाला था लेकिन अब इसे रानीबाग में बनाया जाएगा। उद्धव ठाकरे सरकार में पर्यावरण मंत्री रहते हुए आदित्य ठाकरे ने रानीबाग की जगह वर्ली में अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक्वेरियम बनाने की योजना बनाई थी। लेकिन राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद एकनाथ शिंदे सरकार ने वर्ली में बनने वाले एक्वेरियम प्रॉजेक्ट को रद्द कर दिया था। बाद में एक्वेरियम प्रॉजेक्ट को रानीबाग शिफ्ट कर दिया गया। डॉक्टर त्रिपाठी ने बताया कि यह एक्वेरियम पेंग्विन कक्ष के सामने 5000 वर्ग मीटर में बनाया जाएगा। इसमें देशी के साथ विदेशी फिश की 50 प्रजातियों को भी पर्यटकों को देखने को मिलेंगी। एक्वेरियम में बच्चों के लिए पॉप ऑफ विंडो बनाया जाएगा।

समुद्र में उतरने सा होगा एहसास
डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि यह एक्वेरियम ऐसा बनाया जाएगा कि इसमें प्रवेश करते समय आप को लगेगा कि जैसे आप समुद्र में उतर रहे हैं। ऊपर टनल में मछलियां तैरती हुई नजर आएंगी। पर्यटकों को मछलियों के साथ उनके जलीय जीवन का भी अनुभव होगा। यह एक्वेरियम गोलाकार में दो भागों में बनेगा। एक भाग 14 मीटर लंबा होगा और इसमें कोरल फिश रखी जाएंगी।

पॉप अप विंडो
दूसरा भाग 36 मीटर की दूरी पर बनेगा जिसमें विभिन्न प्रकार की फिश और गहरे समुद्र में जलीय जीवन देखने को मिलेंगे। इन दोनों टनल को जोड़ने में एक और घुमावदार प्रवेश मार्ग बनेगा। विशेष रूप से बच्चों को 360 डिग्री घूमने और मछली को करीब से देखने के लिए एक ‘पॉप अप विंडो’ उपलब्ध कराई जाएगी। इस एक्वेरियम की क्षमता करीब 10 लाख लीटर पानी की होगी।